देश की खबरें | विहिप ने बजरंग दल पर टिप्पणी को लेकर जमीयत उलेमा-ए हिंद प्रमुख की आलोचना की

नयी दिल्ली, 22 मई विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने बजरंग दल पर टिप्पणी को लेकर सोमवार को जमीयत उलेमा-ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी की आलोचना की और कहा कि उन्हें अपने आचरण पर गौर करना चाहिए।

मदनी ने कथित तौर पर रविवार को कहा था कि कांग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के अपने घोषणापत्र में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की बात की थी, लेकिन यदि पार्टी ने 70 साल पहले ऐसा निर्णय लिया होता तो देश बर्बाद नहीं हुआ होता।

जमीयत उलेमा-ए हिंद के अध्यक्ष ने कथित तौर पर यह भी कहा था कि कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणापत्र में कर्नाटक में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव करके अपनी गलती सुधारी है।

मदनी की टिप्पणी को 'विडंबना' करार देते हुए विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि 70 साल पहले बजरंग दल का ‘गठन’ भी नहीं’ हुआ था।

उन्होंने कहा कि बजरंग दल पर 1992 में तत्कालीन सरकार द्वारा प्रतिबंध लगा दिया गया था, लेकिन एक न्यायाधिकरण ने यह कहते हुए निर्णय को रद्द कर दिया था कि संगठन पर प्रतिबंध लगाने के लिए कोई आधार नहीं है।

बजरंग दल विहिप की युवा शाखा है।

कुमार ने कहा, ‘‘यदि गलती दोहराई गई तो परिणाम आज भी वही होगा।’’

कुमार ने कहा कि मदनी को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए और अपने आचरण पर गौर करना चाहिए।

कुमार ने कहा, "मदनी को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए और अपने स्वयं के आचरण और देवबंद से जुड़े लोगों के आचरण को भी देखना चाहिए।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि देवबंदी विचारधारा "मुसलमानों के कुछ वर्गों को हिंसा में लिप्त होने के लिए उकसा रही है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि नागरिक संस्थाएं और सरकारें, विशेषकर लोकतांत्रिक देशों की सरकारें इस पर ध्यान दें और जिहादी विचारधारा का विरोध करने और उसे परास्त करने के लिए खड़ी हों।’’

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