‘वाहन स्क्रैपिंग नीति’ प्रदूषण घटाने, पर्यावरण, तेज विकास के लिए हमारी प्रतिबद्धता दर्शाती है: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ‘‘वाहन स्क्रैपिंग नीति’’ की शुरुआत करते हुए इसे ‘‘कचरे से कंचन के अभियान’’ और चक्रीय अर्थव्यवस्था की एक ‘‘अहम कड़ी’’ करार दिया तथा कहा कि यह नीति देश के शहरों से प्रदूषण कम करने और पर्यावरण की सुरक्षा के साथ तेज विकास की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.
गांधीनगर, 13 अगस्त : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शुक्रवार को ‘‘वाहन स्क्रैपिंग नीति’’ की शुरुआत करते हुए इसे ‘‘कचरे से कंचन के अभियान’’ और चक्रीय अर्थव्यवस्था की एक ‘‘अहम कड़ी’’ करार दिया तथा कहा कि यह नीति देश के शहरों से प्रदूषण कम करने और पर्यावरण की सुरक्षा के साथ तेज विकास की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है. गुजरात में निवेशक सम्मेलन को संबोधित कर रहे प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 75वें स्वतंत्रता दिवस से पहले आज का यह कार्यक्रम आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को सिद्ध करने की दिशा में एक और अहम कदम है. यह सम्मेलन वाहन स्क्रैपिंग बुनियादी ढांचा स्थापित करने पर निवेश आमंत्रित करने के लिए आयोजित किया गया है. इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आज देश वाहन स्क्रैपिंग नीति लॉन्च कर रहा है. यह नीति नए भारत की गतिशीलता को और ऑटो क्षेत्र को नई पहचान देने वाली है. देश में अनफिट वाहनों को वैज्ञानिक तरीके से सड़कों से हटाने में यह नीति बहुत बड़ी भूमिका निभाएगी.’’ उन्होंने कहा कि देश के करीब करीब हर नागरिक, उद्योग और हर क्षेत्र में इससे सकारात्मक परिवर्तन आएगा.
देश की अर्थव्यवस्था के लिए गतिशीलता को बहुत बड़ा कारक बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गतिशीलता में आई आधुनिकता यात्रा और परिवहन का बोझ तो कम करती ही है, आर्थिक विकास के लिए भी मददगार साबित होती है. उन्होंने कहा, ‘‘21वीं सदी का भारत स्वच्छ, भीड़-भाड़ रहित और सुविधाजनक गतिशीलता का लक्ष्य लेकर चले, यह आज समय की मांग है.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम में अब उद्याोग जगत और सभी हितधारकों की बहुत बड़ी भूमिका है. उन्होंने कहा, ‘‘नयी नीति कचरे से कंचन के अभियान (वेस्ट टू वेल्थ) और चक्रीय अर्थव्यवस्था की एक अहम कड़ी है. यह नीति देश के शहरों से प्रदूषण कम करने और पर्यावरण की सुरक्षा के साथ तेज विकास की हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है.’’ उन्होंने कहा कि पुनर्चक्रण, पुन:प्रयोग और भरपाई के सिद्धांत पर चलते हुए यह नीति ऑटो क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता को भी नई ऊर्जा देगी. यह भी पढ़े :वोकहार्ट ने स्पूतनिक के उत्पादन, आपूर्ति के लिए दुबई की कंपनी के साथ समझौता किया
उन्होंने कहा, ‘‘इतना ही नहीं, यह नीति देश में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश लाएगी और हजारों रोजगार का सृजन करेगी.’’इस सम्मेलन का आयोजन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और गुजरात सरकार द्वारा किया जा रहा है. इसमें संभावित निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों और केंद्र एवं राज्य सरकार के संबंधित मंत्रालयों की भागीदारी होगी. इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी मौजूद थे. वाहन स्क्रैपिंग नीति का उद्देश्य पर्यावरण के अनुकूल और सुरक्षित तरीके से, अनुपयुक्त एवं प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए एक परिवेश तैयार करना है. इस नीति का उद्देश्य देश भर में स्वचालित परीक्षण स्टेशनों और पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाओं के रूप में स्क्रैपिंग बुनियादी ढांचा स्थापित करना है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 13, 2021 12:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

