देश की खबरें | वैश्विक कंपनियों में तमिलों के शीर्ष पर होने को लेकर वेदांता समूह के अध्यक्ष ने राज्य की सराहना की

चेन्नई, छह अगस्त वेदांता समूह के संस्थापक-अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने विश्व भर में विभिन्न कंपनियों के शीर्ष पर तमिलनाडु के लोगों के काबिज होने को लेकर रविवार को राज्य की सराहना की।

शहर की संक्षिप्त यात्रा पर आये कारोबारी ने कहा कि तमिलनाडु के लोग सभी क्षेत्रों में परचम लहरा रहे हैं।

इससे पहले दिन में, अग्रवाल ने अपोलो हॉस्पिटल की उपाध्यक्ष प्रीता रेड्डी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चेन्नई में सुराणा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस द्वारा स्थापित सुराणा हाई टेक इंटरनेशनल स्कूल का उद्घाटन किया।

अग्रवाल ने कहा, ‘‘मेरे लिए तमिलनाडु आना, एक सपने के सच होने जैसा है। यह अवसरों, अध्यात्म, मनोरंजन, खेल की भूमि है। आप जिस किसी चीज की बात करिये, तमिलनाडु में आपको मिल जाएगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘विश्व में कहीं भी उपयोग किये जाने वाला सर्वश्रेष्ठ कपड़ा यहीं से जाता है। आपके पास जो मानव संसाधन है, आप सिलिकॉन वैली (सूचना प्रौद्योगिकी का वैश्विक केंद्र) जाएं, आप अमेरिका जाएं, आप तमिलनाडु के लोगों को देखेंगे। लोग जॉन को नहीं, बल्कि राघवन को चाहते हैं।’’

उन्होंने कहा कि मनोरंजन के क्षेत्र में भी तमिलनाडु आगे बढ़ रहा है। अग्रवाल ने कहा, "मैं इस राज्य में रहा हूं, मैं (अन्नाद्रमुक नेता और दिवंगत मुख्यमंत्री) जे जयललिता से मिला हूं, मैंने तूतीकोरिन में सबसे बड़ा तांबा संयंत्र स्थापित किया था, फिर मद्रास एल्युमीनियम का सबसे बड़ा संयंत्र मेट्टूर में स्थापित किया। हम मेट्टूर में सबसे अच्छे स्कूल में से एक का संचालन करते हैं।’’

उन्होंने कहा, "यह एक दिलचस्प भूमि है। तमिलनाडु। मैं हमेशा इस धरती को कर्म भूमि के रूप में पाता हूं।"

कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "बहुत खुश हूं कि मैं आज युवाओं के साथ हूं। मैं विशेष रूप से आपके लिए आया हूं। आप वो लोग हैं, जो नेतृत्व करने जा रहे हैं, चाहे वह राजनीति हो या व्यवसाय हो। इंजीनियर बनें, डॉक्टर बनें।" ।"

उन्होंने कहा, "आज के समय में लैपटॉप और स्मार्टफोन दुनिया के लिए एक खिड़की हैं और आप जो भी कर रहे हैं, उसमें तेजी ला सकते हैं।"

अग्रवाल ने 27 साल पहले ब्रिटेन पहुंचने के अपने दिनों को याद करते हुए कहा, ‘‘मैं सीएनबीसी टेलीविजन देखता था, लेकिन 10 प्रतिशत भी नहीं समझ पाता था। मैं इसे लेकर बहुत उत्सुक था कि मुझे कुछ करना है...।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आप जो कुछ हासिल करना चाहते हैं, आप प्रतिबद्ध होने पर हासिल कर लेंगे।’’

ब्रिटेन में 13 हिंदू स्कूल स्थापित करने के अपने अनुभव को बयां करते हुए अग्रवाल ने कहा कि लंदन में एक हिंदू स्कूल स्थापित करने के लिए उन्होंने चार-पांच साल तक संघर्ष किया, क्योंकि ब्रिटिश सरकार इसके लिए तैयार नहीं थी कि एक हिंदू, मुस्लिम या सिख स्कूल क्यों स्थापित होना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘पाठ्यक्रम समान था, और मैंने उन्हें (ब्रिटिश सरकार को) राजी किया तथा हमने कृष्णा अवंती स्कूल स्थापित किया। अब हमारे 13 स्कूल हैं। जहां कहीं भी वहां भारतीय हैं, ये स्कूल हैं। पाठ्यक्रम के अलावा हमने शाकाहार पर भी जोर दिया है।’’

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