देश की खबरें | प्रमुख कर्मियों को पहले, उसके बाद वृद्धों को टीकाकरण से प्रभाव बढ़ता है: अध्ययन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अधिक संचरण वाले इलाके में स्वास्थ्य पेशेवरों सहित प्रमुख कर्मियों को पहले, उसके बाद 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और फिर अन्य बीमारियों से पीड़ित 24 से 60 वर्ष आयुवर्ग के लोगों का टीकाकरण करने से कोविड-19 संक्रमण दर और मृत्यु दर को कम करने में अधिक प्रभाव पड़ेगा। यह बात एक गणितीय मॉडल आधारित विश्लेषण से मिली है।

नयी दिल्ली, तीन जुलाई अधिक संचरण वाले इलाके में स्वास्थ्य पेशेवरों सहित प्रमुख कर्मियों को पहले, उसके बाद 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और फिर अन्य बीमारियों से पीड़ित 24 से 60 वर्ष आयुवर्ग के लोगों का टीकाकरण करने से कोविड-19 संक्रमण दर और मृत्यु दर को कम करने में अधिक प्रभाव पड़ेगा। यह बात एक गणितीय मॉडल आधारित विश्लेषण से मिली है।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने अध्ययन के निष्कर्षों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कम-तीव्रता वाले संचरण क्षेत्रों जैसे कि कम आबादी वाले क्षेत्रों में प्रमुख कर्मियों के बाद अन्य बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों का टीकाकरण और फिर 60 वर्ष से ऊपर के लोगों का टीकाकरण करना अच्छा जन स्वास्थ्य दृष्टिकोण प्रतीत होता है।

अध्ययन - ‘कोविड -19 के खिलाफ भारत की व्यावहारिक टीकाकरण रणनीति: एक गणितीय मॉडलिंग आधारित विश्लेषण' आईसीएमआर से संदीप मंडल, बलराम भार्गव और समीरन पांडा और इंपीरियल कॉलेज, लंदन से एन. अरिनामिनपथी द्वारा लिखा गया है तथा इसे 2 जुलाई को पत्रिका बीएमजे ओपन में प्रकाशित किया गया है।

इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने संचरण गतिकी के एक सरल गणितीय मॉडल का उपयोग किया। इसका उपयोग यह दिखाने के लिए किया गया कि देश में टीकाकरण प्रयासों को कैसे सर्वोत्तम रूप से केंद्रित किया जा सकता है।

अध्ययन में कहा गया है, ‘‘हमारे नतीजे बताते हैं कि सभी परिभाषित प्राथमिकता वाले समूहों के टीकाकरण से समग्र स्वास्थ्य पर बोझ में काफी कमी आएगी।’’

अध्ययन के अनुसार, प्राथमिकता समूह भारत की आबादी का लगभग 18 प्रतिशत हिस्सा हैं।

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