एजेंसी न्यूज

देश की खबरें | उत्तराखंड सरकार ने चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड भंग किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तराखंड सरकार ने मंगलवार को अस्तित्व में आने के ठीक दो साल बाद विवादास्पद चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड को भंग कर दिया।

देश की खबरें | उत्तराखंड सरकार ने चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड भंग किया

देहरादून, 30 नवंबर उत्तराखंड सरकार ने मंगलवार को अस्तित्व में आने के ठीक दो साल बाद विवादास्पद चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड को भंग कर दिया।

यह जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा,‘‘ आप सभी की भावनाओं, तीर्थपुरोहितों, हक-हकूकधारियों के सम्मान एवं चारधाम से जुड़े सभी लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए श्री मनोहर कांत ध्यानी जी की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने देवस्थानम बोर्ड अधिनियम वापस लेने का फैसला किया है।’’

इससे पहले, ध्यानी समिति ने रविवार शाम को अपनी अंतिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी थी जिस पर उन्होंने इसका परीक्षण कर जल्द निर्णय लेने की बात कही थी।

चारों हिमालयी धामों-बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के तीर्थ पुरोहितों द्वारा देवस्थानम बोर्ड के विरोध में लंबे समय से चलाए जा रहे आंदोलन के मद्देनजर धामी ने जुलाई में भाजपा नेता ध्यानी की अध्यक्षता में इस समिति का गठन किया था।

बोर्ड के गठन को अपने पारंपरिक अधिकारों का हनन बताते हुए चारों धामों के तीर्थ पुरोहित इसे भंग करने की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन चला रहे थे। निकट आ रहे विधानसभा चुनावों को देखते हुए उन्होंने आंदोलन तेज करने की धमकी दी थी। धामी सरकार के इस निर्णय को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है ।

देवस्थानम अधिनियम पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार के कार्यकाल में दिसंबर 2019 में पारित हुआ था जिसके तहत चार धामों सहित प्रदेश के 51 मंदिरों के प्रबंधन के लिए बोर्ड का गठन किया गया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 30, 2021 01:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).