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उत्तराखंड: चारधाम यात्रा फिर से शुरू, लापता श्रमिकों की तलाश जारी

उत्तराखंड में अधिकतर स्थानों पर बारिश कम होने के साथ सोमवार को चारधाम यात्रा फिर से शुरू हो गई. हालांकि, अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों से सतर्क रहने का आग्रह किया है.

उत्तराखंड: चारधाम यात्रा फिर से शुरू, लापता श्रमिकों की तलाश जारी
Heavy Rain Restricts Movement in Rudraprayag | PTI

देहरादून, 30 जून: उत्तराखंड में अधिकतर स्थानों पर बारिश कम होने के साथ सोमवार को चारधाम यात्रा फिर से शुरू हो गई. हालांकि, अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों से सतर्क रहने का आग्रह किया है. वहीं, बचाव दल लगातार दूसरे दिन यमुनोत्री राजमार्ग पर भूस्खलन और बादल फटने के बाद लापता हुए सात निर्माण श्रमिकों की तलाश कर रहा है. उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और जिला प्रशासन की टीम लापता श्रमिकों की तलाश में यमुना नदी और भूस्खलन के मलबे में तलाश कर रही हैं.

रविवार को तड़के बादल फटने से हुए भूस्खलन में शिविर के ध्वस्त होने के बाद नौ श्रमिक लापता हो गए. दो श्रमिकों के शव रविवार को बरामद किए गए. ये श्रमिक होटल के निर्माण में लगे थे. जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक सरिता डोभाल के साथ घटनास्थल का दौरा किया और संयुक्त खोज एवं बचाव टीम को समन्वय के साथ कार्य करने तथा अपने प्रयासों में तेजी लाने के निर्देश दिए.

आर्य ने कहा, "किसी भी परिस्थिति में लापता व्यक्तियों की तलाश में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी."

मौसम विभाग द्वारा विभिन्न जिलों में दो दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी दिए जाने के बाद तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर एक दिन के लिए चारधाम यात्रा स्थगित कर दी गई थी, जिसे सोमवार को फिर से शुरू कर दिया गया.

हालांकि, यमुनोत्री की तीर्थयात्रा बाधित रही, क्योंकि मंदिर तक जाने वाला राजमार्ग कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया है. जिलाधिकारी ने कहा कि सोमवार को सामान्य बारिश होने से, यमुनोत्री के साथ सड़क को ठीक करने के काम में तेजी आई है.

रविवार सुबह बादल फटने के कारण तीन स्थानों पर राजमार्ग बह गया. जिलाधिकारी ने बताया कि सड़क की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है. उन्होंने एसपी सरिता डोभाल के साथ अभियान की निगरानी के लिए सिलाई बेंड का दौरा किया.

आर्य ने कहा, "इसे यातायात के लिए खोलना हमारी प्राथमिकता है. जानकीचट्टी और अन्य स्थानों पर रुके यमुनोत्री तीर्थयात्री सुरक्षित हैं. उनके लिए चिकित्सा दल, प्रशासनिक कर्मी और पर्याप्त खाद्य सामग्री मौजूद है."

जिलाधिकारी ने कहा, "हमारा प्रयास मंगलवार तक मार्ग को बहाल करना है. सोमवार रात तक आपातकालीन लाइट की मदद से सड़क की मरम्मत का काम जारी रहेगा." उन्होंने कहा कि रविवार को भारी बारिश के कारण तीन स्थानों पर अवरुद्ध हुआ गंगोत्री मार्ग खोल दिया गया है और मंदिर की यात्रा फिर से शुरू कर दी गई है. उन्होंने तीर्थयात्रियों से मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जिला प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की.

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 30, 2025 10:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).