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देश की खबरें | उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा की टॉपर प्रियांशी ने प्राप्त किए 500 में से 500 अंक

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद द्वारा मंगलवार को घोषित परिणामों में हाईस्कूल यानी 10वीं में प्रियांशी रावत ने 500 में से 500 अंक प्राप्त कर पहला स्थान प्राप्त किया। इंटरमीडिएट यानी 12वीं में पीयूष खोलिया और कंचन जोशी 500 में 488 अंक हासिल कर पहले स्थान पर रहे।

देश की खबरें | उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा की टॉपर प्रियांशी ने प्राप्त किए 500 में से 500 अंक

देहरादून, 30 अप्रैल उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद द्वारा मंगलवार को घोषित परिणामों में हाईस्कूल यानी 10वीं में प्रियांशी रावत ने 500 में से 500 अंक प्राप्त कर पहला स्थान प्राप्त किया। इंटरमीडिएट यानी 12वीं में पीयूष खोलिया और कंचन जोशी 500 में 488 अंक हासिल कर पहले स्थान पर रहे।

बोर्ड के अध्यक्ष महावीर सिंह बिष्ट ने नैनीताल जिले के रामनगर में स्थित मुख्यालय में परिणाम घोषित किया। बिष्ट ने बताया कि इस बार इंटरमीडिएट में 82.63 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए और 10 वीं में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत 89.14 रहा।

प्रियांशी पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट के एक विद्यालय की छात्रा है जबकि खोलिया अल्मोड़ा के रानीधाम के और कंचन हल्द्वानी के कुसुमखेड़ा के एक विद्यालय की छात्रा है।

हाईस्कूल में 85.59 प्रतिशत लड़के और 92.54 प्रतिशत लड़कियां उत्तीर्ण हुईं । इंटरमीडिएट में 78.97 प्रतिशत लड़के और 85.96 प्रतिशत लड़कियां उत्तीर्ण हुईं।

पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग शहर में रह रही प्रियांशी ने बताया कि स्कूल से आने के बाद वह हर रोज चार से पांच घंटे पढ़ाई करती थी। उसके पिता एक व्यवसायी तथा मां एक विद्यालय में शिक्षिका हैं ।

जीवन के लक्ष्य के बारे में पूछे जाने पर प्रियांशी ने कहा कि वह भविष्य में भारतीय वायु सेना में अधिकारी बनना चाहती हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में उत्तीर्ण होने वाले छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह उनके कठिन परिश्रम और लगन का प्रतिफल है ।

सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में धामी ने उम्मीद जताई कि छात्र आने वाले समय में राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे ।

मुख्यमंत्री ने परीक्षा में असफल रहे गए विद्यार्थियों से निराश न होने को कहा तथा उनके अभिभावकों से अनुरोध किया कि वे बच्चों पर दवाब बनाने के बजाय उनका साथ दें।

उन्होंने कहा, ‘‘यह जीवन में सफलता का आखिरी मापदंड नहीं है। आप सभी पूर्ण मनोयोग से और अधिक मेहनत के साथ प्रयास कर सफलता को प्राप्त कर सकते हैं।’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 30, 2024 10:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).