(फोटो के साथ)
लखनऊ, 11 जून लखनऊ में वर्षा वर्मा नामक एक महिला लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करती हैं ताकि उन्हें सम्मानजनक अंतिम विदाई मिल सके।
वर्मा (44) के लिए लावारिस लाशों की सूचना एकत्रित करना और उनका अंतिम संस्कार करना एक नियमित कार्य बन गया है।
वर्मा ने कहा कि जब उन्हें पता चला कि शवगृह में कई दिनों तक लावारिस लाशें पड़ी रहती हैं, तो उन्हें लगा कि एक व्यक्ति को सम्मानजनक अंतिम विदाई मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘पोस्टमार्टम के बाद एक लावारिस शव को शवगृह में 72 घंटे तक रखा जाता है और फिर दाह संस्कार के लिए वे इसे मुझे दे देते हैं।’’
वर्मा ने कहा कि वह एक सप्ताह में औसतन तीन शवों का दाह संस्कार करती हैं।
उन्होंने पीटीआई- के साथ बातचीत में कहा, ‘‘मैंने स्वयं हजारों लावारिस शवों का अंतिम संस्कार किया है। इनमें कई वैसे शव भी शामिल हैं जिनका मैंने कोरोना वायरस महामारी के दौरान अंतिम संस्कार किया।’’
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