देश की खबरें | उत्तर प्रदेश में जंगलराज है :तृणमूल कांग्रेस ने अपने प्रतिनिधिमंडल को रोके जाने पर कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. तृणमूल कांग्रेस ने उसके चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को हाथरस सामूहिक बलात्कार पीड़िता के परिवार से मिलने से रोके जाने पर शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में ‘‘जंगलराज’’ है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

कोलकाता, दो अक्टूबर तृणमूल कांग्रेस ने उसके चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को हाथरस सामूहिक बलात्कार पीड़िता के परिवार से मिलने से रोके जाने पर शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में ‘‘जंगलराज’’ है।

हालांकि, पश्चिम बंगाल की भाजपा इकाई ने तृणमूल कांग्रेस से मौत का राजनीतिकरण करना बंद करने और महिलाओं के खिलाफ अपराध से निपटने में अपना अब तक का रिकार्ड देखने को कहा।

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तृणमूल कांग्रेस द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि पार्टी के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल 19 वर्षीय दलित लड़की (पीड़िता) के परिजनों से मिलना चाहता था और उसके शोकाकुल माता-पिता के साथ एकजुटता प्रदर्शित करना चाहता था।

प्रतिनिधिमंडल की तीन अन्य सदस्य डॉ काकोली घोष दस्तीदार, प्रतिमा मंडल और ममता ठाकुर थी।

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घटना की निंदा करते हुए तृणमूल कांग्रेस महासचिव पार्थ चटर्जी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने ‘‘आंतक के राज’’ की खुली छूट दे रखी है और मर्यादा की सारी हदें पार कर दी है।

उन्होंने कहा, ‘‘क्या यह लोकतंत्र है? सांसदों के साथ धक्कामुक्की की जा रही और उन्हें धकेल कर जमीन पर गिराया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने संसद सदस्यों के साथ ऐसा करने का साहस कैसे किया? एक दलित लड़की की रक्षा करने में नाकाम रही और अब मामले की लीपापोती करने में व्यस्त राज्य सरकार विपक्ष के खिलाफ क्रूर बल प्रयोग कर रही है।’’

टीवी दृश्यों के मुताबिक सफेद परिधान पहने ओ ब्रायन को उस वक्त धकेल कर जमीन पर गिरा दिया गया जब वह आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।

उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग ‘बेटी बचाओ’ अभियान के पैरोकार के रूप में खुद को पेश करने की कोशिश कर रहे थे वे अब लड़की के परिवार के सदस्यों को धमका रहे हैं। उत्तर प्रदेश में जंगलरात मौजूद है। यह शर्मनाक है। ’’

तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सौगत राय ने कहा कि उप्र सरकार ‘‘सच्चाई को छिपाने की कोशिश कर रही है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘यही कारण है कि यह (योगी सरकार) मीडिया और विपक्षी पार्टी के नेताओं को (पीड़िता के) परिवार के सदस्यों से नहीं मिलने दे रही है। ’’

पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा गया है कि उत्तर प्रदेश पुलिस की बदसलूकी के बाद इसके सांसद पीड़िता के घर से करीब एक किमी दूर धरना पर बैठ गये हैं।

हालांकि, प्रदेश भाजपा प्रमुख दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण की कोशिश करने का आरोप लगाया।

गौरतलब है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और उनकी पार्टी के करीब 150 कार्यकर्ताओं को निषेधाज्ञा के कथित उल्लंघन के लिए बृहस्पतिवार को ग्रेटर नोएडा में उस समय कुछ देर के लिए हिरासत में लिया गया था, जब वे पीड़िता के परिजनों से मिलने हाथरस जा रहे थे।

गत 14 सितंबर को हाथरस जिले के चंदपा थाना क्षेत्र स्थित एक गांव की रहने वाली 19 वर्षीय दलित लड़की से चार लोगों ने कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया था।

लड़की को रीढ़ की हड्डी में चोट और जीभ कटने की वजह से पहले उसे अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। उसके बाद उसे दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था, जहां मंगलवार तड़के उसकी मौत हो गई।

परिजनों ने यह आरोप भी लगाया कि प्रशासन ने हाथरस में बुधवार तड़के जबरन उसका दाह-संस्कार कर दिया।

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