देश की खबरें | उत्तर प्रदेश बजट सत्र: राज्यपाल के अभिभाषण के बीच महाकुंभ और उर्दू को लेकर सपा का विरोध प्रदर्शन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन मंगलवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए सरकार की उपलब्धियों को गिनाई, वहीं राज्य के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों ने विधान भवन में अंदर और बाहर विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
लखनऊ, 18 फरवरी उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन मंगलवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए सरकार की उपलब्धियों को गिनाई, वहीं राज्य के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों ने विधान भवन में अंदर और बाहर विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
मंगलवार को विधानसभा में सपा सदस्यों के विरोध और नारेबाजी के बीच राज्यपाल ने अपना 40 पृष्ठ का अभिभाषण मात्र आठ मिनट 35 सेकंड में समाप्त कर दिया।
इस दौरान सपा के सदस्य हाथों में तख्तियां लिए विधानसभा अध्यक्ष के आसन के सामने आ गए और जब तक उन्होंने अभिभाषण पढ़ा, वे नारेबाजी करते रहे। बाद में राज्यपाल के अभिभाषण की प्रति सदन के पटल पर रखी गयी।
सपा सदस्यों के हाथों में तख्तियों पर ''राज्यपाल गो बैक'', ''राज्यपाल वापस जाओ'' के अलावा ''कुंभ में मौतों के आंकड़े हों जारी-सच छुपा रहे हैं ये अत्याचारी'' जैसे नारे लिखे थे।
राज्यपाल ने अभिभाषण में कहा, ''मेरी सरकार को इस वर्ष दिव्य एवं भव्य महाकुंभ के आयोजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। महाकुंभ-2025 में स्वच्छता, सुरक्षा तथा सुव्यवस्था के नये मानक गढ़े हैं। महाकुंभ में आस्था एवं आधुनिकता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।''
महाकुंभ में 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ का जिक्र करते हुए उन्होंने दुख प्रकट किया।
राज्यपाल ने कहा, ''मौनी अमावस्या पर एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना से हम सभी दुखी हैं। इसमें कुछ श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गये, जिसमें कुछ की मृत्यु हो गयी।''
राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सपा सदस्य हंगामा करते रहे, नतीजतन विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन को साढ़े 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
पूर्वाह्न 11 बजे के बाद राज्यपाल ने अपना अभिभाषण पढ़ना शुरू किया था। इसके बाद दोबारा साढ़े 12 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई। अध्यक्ष ने क्षेत्रीय बोलियों में भी विधानसभा की कार्यवाही के प्रसारण की सूचना दी।
महाना ने मंगलवार को घोषणा की कि सदन की कार्यवाही का अनुवाद अंग्रेजी के साथ-साथ चार क्षेत्रीय ओं अवधी, भोजपुरी, ब्रज और बुंदेलखंडी में भी उपलब्ध होगा। इस घोषणा के बाद समाजवादी पार्टी ने उर्दू को भी इसमें शामिल करने की मांग की, जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जताई।
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