विदेश की खबरें | अमेरिका यूक्रेन को ‘क्लस्टर म्यूनिशन’ प्रदान करेगा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के लिथुआनिया में होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले यह फैसला हुआ है। इस सम्मेलन में जो बाइडन सहयोगियों के ऐसे सवालों का सामना कर सकते हैं कि अमेरिका वे हथियार यूक्रेन को क्यों भेज रहा है जिसे नाटो के दो तिहाई से ज्यादा सदस्यों ने प्रतिबंधित कर दिया है, क्योंकि इनका रिकॉर्ड रहा है कि ये आम नागरिकों को बड़ा नुकसान पहुंचाते हैं।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के लिथुआनिया में होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले यह फैसला हुआ है। इस सम्मेलन में जो बाइडन सहयोगियों के ऐसे सवालों का सामना कर सकते हैं कि अमेरिका वे हथियार यूक्रेन को क्यों भेज रहा है जिसे नाटो के दो तिहाई से ज्यादा सदस्यों ने प्रतिबंधित कर दिया है, क्योंकि इनका रिकॉर्ड रहा है कि ये आम नागरिकों को बड़ा नुकसान पहुंचाते हैं।

‘म्यूनिशन’ हथियार के तहत हवा में एक बम फेंका जाता है और फिर इसमें से छोटे-छोटे बम निकलते हैं। अमेरिका को लगता है कि यह हथियार रूस को पीछे धकेलने के वास्ते यूक्रेन के लिए जरूरी हैं।

सुलिवन ने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिका यूक्रेन को ऐसे ‘म्यूनिशन’ देगा जिनमें से निकलने वाले छोटे बमों के न फटने की दर कम होगी।

उन्होंने व्हाइट हाउस में कहा कि वे मानते हैं कि ‘क्लस्टर म्यूनिशन’ से निकलकर न फटने वाले बम आम लोगों के लिए बड़ा खतरा पैदा करते हैं और यही वजह थी कि अमेरिका जहां तक मुमकिन हुआ इस फैसले को टालता रहा।

उन्होंने कहा, “हम यूक्रेन को ऐसी स्थिति में नहीं छोड़ेंगे कि वह अपना बचाव ही न कर पाए।”

‘क्लस्टर बम’ का इस्तेमाल प्रतिबंधित करने के लिए एक संधि पर 120 देशों ने हस्ताक्षर किए हैं लेकिन अमेरिका, रूस और यूक्रेन ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।

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