कार्य आधारित वीजा पर अस्थायी तौर पर प्रतिबंध की तैयारी कर रहा है अमेरिका

मीडिया की खबरों में कहा गया है कि कोरोना वायरस की वजह से अमेरिका में बेरोजगारी काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। इसके मद्देनजर अमेरिका यह कदम उठाने जा रहा है।

वाशिंगटन, नौ मई अमेरिका अस्थायी तौर पर एच-1बी जैसे कुछ कार्य वीजा पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है। भारत के आईटी सचना प्रौद्यागिकी में दक्ष पेशेवरों में यह वीजा काफी लोकप्रिय है। इसके अलावा अमेरिकी सरकार पढ़ाई के लिए आने वाले छात्र-छात्राओं के वीजा और कार्य-अधिकरण वीजा पर भी अस्थायी पाबंदी लगाने की तैयारी में है।

मीडिया की खबरों में कहा गया है कि कोरोना वायरस की वजह से अमेरिका में बेरोजगारी काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। इसके मद्देनजर अमेरिका यह कदम उठाने जा रहा है।

एच-1बी गैर-आव्रजक (अस्थायी कार्य के लिए) वीजा है। इसके जरिये अमेरिकी कंपनियां भारत और चीन जैसे देशों के कुशल व्यक्तियों को कुछ विशेषज्ञता वाले पदों पर नियुक्ति कर सकती हैं।

अमेरिका में करीब 5,00,000 प्रवासी कर्मचारी एच-1बी वीजा पर काम कर रहे हैं।

‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आव्रजन सलाहकार इस में सरकारी आदेश जारी करने के लिए योजना बना रहा है। यह आदेश इसी महीने आ सकता है। इसके तहत कुछ नए अस्थायी कार्य आधारित वीजा पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

यह आदेश एच-1बी वीजा, सीजन के हिसाब से काम पर आने वाले आव्रजन श्रमिकों के लिए एच-2बी वीजा, छात्र वीजा और इसके साथ आने वाला कार्य अधिकरण वीजा पर केंद्रित होगा।

कोरोना वायरस महामारी की वजह से पिछले दो माह में 3.3 करोड़ से अधिक अमेरिकी बेरोजगार हुए हैं। इस महामारी की वजह से अमेरिकी अर्थव्यवस्था ठहर गई।

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