पणजी, 19 जुलाई अमेरिका के आर्ले बर्क-क्लास गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक ‘यूएसएस स्टेथेम’ (डीडीजी63) को भारतीय नौसेना के साथ सहयोगात्मक रूप से तैनात (सीओडीईपी) किया गया। पोत हाल ही में गोवा पहुंचा था। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
यहां जारी एक बयान में कहा गया है कि अमेरिकी नौसेना के विध्वंसक ने मंगलवार को भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस तरकश (एफ-50) के साथ काम किया। इस अभियान का मकसद युद्धाभ्यास और संचार अभ्यास के जरिए एक दूसरे के साथ मिलकर काम करने की क्षमता का निर्माण करना तथा संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करना था।
मुंबई में अमेरिकी महावाणिज्यदूत माइक हैंकी ने कहा कि पोत की बंदरगाह यात्रा ने साझा मूल्यों और सिद्धांतों पर आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के निर्माण को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रतिबद्धता की पुन:पुष्टि की है और ‘हमने हमारे दोनों देशों के बीच अपने रिश्तों को मजबूत किया है।”
उन्होंने कहा कि अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की भूमिका और नेतृत्व को स्वीकार करता है। हैंकी ने यह भी कहा, “ भारत के साथ मिलकर काम करने से हम क्षेत्र में नियम आधारित व्यवस्था और शांति एवं स्थिरता को आगे बढ़ा पाएंगे।”
‘स्टेथेम’ के कमांडिग अधिकारी कमांडर जेम्स ‘नेट’ वाट्स ने कहा कि ‘स्टेथेम’ के नाविकों को क्षेत्र में अमेरिका के साझेदारों के साथ करीब से काम करने का मौका मिला तथा “भारतीय नौसेना ने हमें बंदरगाह की सफल यात्रा के बाद अपने अपतटीय क्षेत्र में स्थिरता का निर्माण करने के लिए स्थितियों को समझने की इजाजत दी।”
बयान में कहा गया है कि अमेरिका-भारत द्विपक्षीय अभियानों में डिवीजन रणनीति, एक पासिंग अभ्यास और ‘फॉर्मेशन सेलिंग’ शामिल है, जिससे दोनों नौसेनाओं को साझा समुद्री लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ काम करने का अवसर मिलता है।
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