विदेश की खबरें | अमेरिका, चीन ने अपने मंगल यानों की उड़ान सुरक्षा को लेकर चर्चा की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. अमेरिका, चीन और संयुक्त अरब अमीरात के यानों के पहुंचने से मंगल के आसपास का क्षेत्र इस साल थोड़ा भीड़-भाड़ वाला हो गया है।
अमेरिका, चीन और संयुक्त अरब अमीरात के यानों के पहुंचने से मंगल के आसपास का क्षेत्र इस साल थोड़ा भीड़-भाड़ वाला हो गया है।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का रोवर गत फरवरी में लाल ग्रह की सतह पर उतरा था जिसने अन्वेषण कार्य शुरू कर दिया है। वहीं, चीन का यान ‘तियानवेन-1’ मंगल ग्रह की कक्षा में चककर लगा रहा है और यह मई या जून में लाल ग्रह पर उतरने की तैयारी कर रहा है। संयुक्त अरब अमीरात का यान मंगल की कक्षा में केवल चक्कर लगा रहा है और यह वहां उतरने की कोशिश नहीं करेगा।
चीन की ‘नेशनल स्पेस एजेंसी’ ने बुधवार को पुष्टि की कि उसने दोनों देशों के यानों की ‘‘उड़ान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए’’ जनवरी से मार्च तक नासा के साथ बैठकें की थीं।
प्रौद्योगिकी चोरी संबंधी चिंताओं को लेकर अमेरिकी कानून नासा और चीन के बीच किसी भी तरह के संपर्क को प्रतिबंधित करता है।
नासा के प्रशासक स्टीव जुर्कजीक ने पिछले सप्ताह कहा था कि हालांकि, उस समय अपवाद हो सकता है जब नासा कांग्रेस को यह आश्वस्त करे कि उसके पास सूचना की सुरक्षा के लिए रक्षात्मक तंत्र है।
उन्होंने कहा कि हाल में हुई बातचीत दोनों देशों के यानों के बीच किसी तरह की टक्कर के जोखिम को लेकर थी।
जुर्कजीक ने कहा, ‘‘हमने उनसे बातचीत की है।’’
उनकी इस टिप्पणी से संबंधित खबर सर्वप्रथम स्पेसन्यूज वेबसाइट ने दी।
एपी
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