अहमदाबाद, आठ जुलाई जी-20 देशों के नेताओं और शहर के महापौरों ने शनिवार को समूह से जलवायु वित्त में तेजी लाने, जल सुरक्षा सुनिश्चित करने और स्थानीय संस्कृति तथा अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर जोर देने के साथ समावेशी एवं टिकाऊ शहर विकसित करने में मदद करने का आग्रह किया।
जी-20 शेरपा अमिताभ कांत के अनुसार, भारत की जी-20 अध्यक्षता के तहत शहरी कूटनीति पहल ‘अर्बन 20’ (यू 20) ने छह सिफारिशें की हैं और सितंबर में दिल्ली में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान इन पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने यहां दो दिवसीय ‘यू 20’ महापौर स्तरीय सम्मेलन के आखिरी दिन संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अगर दुनिया को विकास की गति तेज करनी है, तो शहरों को सबसे आगे रहना होगा।
जी-20 में चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, ब्रिटेन, अमेरिका, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा और यूरोपीय संघ शामिल हैं।
यू 20 शिखर सम्मेलन के समापन के बाद केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी और कांत को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। इसमें वैश्विक जलवायु संकट का सामना करने और चार अरब शहरी निवासियों के लिए सतत विकास में तेजी लाने में नगर प्रशासन के रणनीतिक महत्व पर जोर दिया गया है।
एक नया यू 20 जलवायु वित्त कार्य समूह बहुपक्षीय विकास बैंक (एमडीबी) सुधारों का भी पता लगाएगा जो शहरी जलवायु वित्त में निवेश में तेजी लाने में मदद कर सकता है और बहुपक्षीय विकास बैंकों (एसएमडीबी) को मजबूत करने पर शहरों और जी-20 विशेषज्ञ समूह के बीच सहयोग को गहरा कर सकता है।
शिखर सम्मेलन में 90 शहरों से 650 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में लगभग 80 महापौरों ने भाग लिया, जिनमें 45 देशों के महापौर और उप महापौर शामिल थे।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें अर्बन 20 से एक बहुत अच्छा ज्ञापन मिला है। हम इसे आगे बढ़ाएंगे और इसे लागू करेंगे। यह सिर्फ शुरुआत है। महत्वपूर्ण बात इसे लागू करना है। जी-20 की ओर से, हम इसे आगे बढ़ाएंगे और लागू करेंगे।’’
मंत्री पुरी ने कहा कि दुनिया की लगभग 65 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में रहती है और सकल घरेलू उत्पाद में 75 प्रतिशत से अधिक का योगदान देती है। उन्होंने कहा कि ‘‘शहरीकरण, शायद, डिजिटलीकरण के साथ-साथ 21वीं सदी की सबसे प्रमुख वैश्विक प्रवृत्ति है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर वैश्विक समुदाय के रूप में हमें वैश्विक विकास को सही तरीके से प्राप्त करने की आवश्यकता है, तो जरूरी है कि हम शहरी विकास को सही तरीके से प्राप्त करें।’’
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