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देश की खबरें | बेटी का पता नहीं लगने से परेशान दंपति ने किया पुलिस आयुक्त दफ्तर के बाहर आत्मदाह का प्रयास

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक दंपति ने तीन महीने से ज्यादा समय से लापता अपनी बेटी का पता लगाने को लेकर पुलिस द्वारा कथित तौर पर कोई कार्रवाई नहीं करने से क्षुब्ध होकर शुक्रवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर आत्मदाह की कोशिश की।

देश की खबरें | बेटी का पता नहीं लगने से परेशान दंपति ने किया पुलिस आयुक्त दफ्तर के बाहर आत्मदाह का प्रयास

कानपुर (उप्र), 13 दिसंबर उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक दंपति ने तीन महीने से ज्यादा समय से लापता अपनी बेटी का पता लगाने को लेकर पुलिस द्वारा कथित तौर पर कोई कार्रवाई नहीं करने से क्षुब्ध होकर शुक्रवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर आत्मदाह की कोशिश की।

दंपति को आशंका है कि उनकी बेटी का अपहरण करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई है।

अपर पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) विजेंद्र द्विवेदी ने संवाददाताओं को बताया कि बिल्हौर के मन्नीवाड़ा निवासी राकेश दुबे (60) और उनकी पत्नी ने पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। दंपति का आरोप है कि पुलिस पिछली 31 अगस्त से लापता उनकी बेटी का पता लगाने में आनाकानी कर रही है।

उन्होंने बताया कि पीड़ितों द्वारा पुलिस आयुक्त कार्यालय में आत्महत्या के प्रयास के बाद शीर्ष अधिकारियों ने लड़की की गुमशुदगी के मामले के जांच अधिकारी (आईओ) और सम्बन्धित थानाध्यक्ष के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।

द्विवेदी ने बताया कि बिल्हौर के सहायक पुलिस आयुक्त सुमित सुधाकर रामटेके को आईओ और थानाध्यक्ष की भूमिका की भी जांच करने और निर्धारित समय सीमा में पुलिस आयुक्त को रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है।

पीड़ित राकेश दुबे ने संवाददाताओं को बताया कि उनकी बेटी आकांक्षा दुबे (22) पिछली 31 अगस्त को शिवराजपुर के खेरेश्वर मंदिर में जलाभिषेक करने के बाद घर लौट रही थी तभी किसी ने उसे अगवा कर लिया। उन्होंने बिल्हौर थाने में बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन पुलिस ने उनकी बेटी का पता लगाने में आनाकानी की।

उन्होंने बताया, ''हम कम से कम तीन बार पुलिस आयुक्त कार्यालय गये और कई बार इधर-उधर भटक चुके हैं लेकिन हमारी गुहार पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। मैं अपनी इकलौती बेटी का पता लगाने के लिए दो बार मुख्यमंत्री कार्यालय भी जा चुका हूं और लिखित आवेदन भी दे चुका हूं, लेकिन सभी प्रयास व्यर्थ साबित हुए।''

दुबे ने बताया कि सारी उम्मीदें खत्म होने के बाद उन्होंने अपनी पत्नी के साथ पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें बचा लिया।

उन्होंने बताया कि बाद में दंपति को पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने पेश किया गया, जिन्होंने दंपति को जल्द से जल्द लापता लड़की का पता लगाने का आश्वासन दिया।

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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 13, 2024 09:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).