देश की खबरें | मंत्री पर आरोप लगाने वाले बस चालक के आत्महत्या के प्रयास को लेकर विधानसभा में हंगामा

बेंगलुरु, छह जुलाई कर्नाटक में मंत्री पर बिना वजह तबादला करने का कथित रूप से आरोप लगाने वाले सरकारी बस चालक द्वारा आत्महत्या के प्रयास के मामले को लेकर विधानसभा में बृहस्पतिवार को खूब हंगामा हुआ।

सदन में यह मुद्दा उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई (भाजपा) ने आरोप लगाया कि रमणगंगा जिले के रहने वाले बस चालक ने आरोप लगाया है कि कृषि मंत्री एन. चालुवरायस्वामी ने उसे ‘‘आत्महत्या करने को मजबूर किया है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम का कर्मचारी बेंगलुरु के एक अस्पताल में जीवन के लिए जूझ रहा है लेकिन पुलिस ने अभी तक मामला दर्ज नहीं किया है।

बोम्मई ने दावा किया, ‘‘यह घटना दिखाती है कि सरकारी कर्मचारी मुश्किल में हैं। लोग रोज इसके बारे में बात कर रहे हैं।’’

उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और मंत्री के इस्तीफे की मांग की, जैसा कि अतीत में लोग करते आए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री व जद(एस) नेता एच. डी. कुमारस्वामी ने कहा कि महज 50 दिनों के शासन में ‘ऐसी घटनाएं हो रही हैं।’ उन्होंने इस घटना को राज्य के कुछ हिस्सों में होने वाले पंचायत चुनावों से जोड़ा।

कुमारस्वामी ने आरोप लगाया, ‘‘सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को धमकाया जा रहा है कि उन्हें या तो बर्खास्त कर दिया जाएगा या उनका तबादला कर दिया जाएगा।’’

जद(एस) नेता ने आरोप लगाया कि जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास करने वाले केएसआरटीसी के कर्मचारी (बस चालक) की पत्नी पंचायत की सदस्य है और इसी कारण उसपर गैरजरूरी दबाव बनाया जा रहा है।

सुसाइड नोट का हवाला देते हुए कुमारस्वामी ने दावा किया कि कर्मचारी ने मंत्री चालुवरायस्वामी पर उसका तबादला करने का आरोप लगाया है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘चालक ने कहा है कि उसे नहीं पता कि मंत्री उससे क्यों नाराज हैं। उसने मंत्री को जिम्मेदार बताया है।’’

उन्होंने कहा कि इस मामले से जुड़े साक्ष्यों और दस्तावेजों को नष्ट किया जा रहा है और उसके खिलाफ फर्जी आरोप लगाए जा रहे हैं कि केएसआरटीसी के कर्मचारी ने यात्री के साथ दुर्व्यवहार किया था।

जद(एस) नेता ने भी जॉर्ज और ईश्वरप्पा का उदाहरण देकर मंत्री का इस्तीफा मांगा।

इसपर प्रतिक्रिया देते हुए ऊर्जा मंत्री के. जे. जॉर्ज ने कहा कि पुलिस उपाधीक्षक की आत्महत्या के मामले में सीबीआई की जांच में उन्हें क्लीन चिट मिली है लेकिन कुमारस्वामी ने ‘उन्हें बदनाम करने’ के बाद माफी मांगना जरूरी नहीं समझा।

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