देश की खबरें | उपहार अग्निकांड: उच्च न्यायालय अंसल बंधुओं की सजा बढ़ाने की अर्जी पर 18 जुलाई को करेगा सुनवाई

नयी दिल्ली, 21 अप्रैल दिल्ली उच्च न्यायालय ने 1997 के उपहार सिनेमा अग्निकांड के सबूतों के साथ कथित रूप से छेड़छाड़ करने को लेकर रियल एस्टेट कारोबारियों-- सुशील और गोपाल अंसल की सजा बढ़ाने की ‘एसोसिएशन ऑफ विक्टिम्स ऑफ उपहार ट्रेजेडी’ (एवीयूटी) की अनुरोध संबंधी याचिका को यह कहते 18 जुलाई को सुनवाई के लिए शुक्रवार को सूचीबद्ध किया कि इस मामले पर प्राथमिकता दिए जाने जरूरत है।

न्यायमूर्ति अनुप जयराम भाम्भानी ने कहा कि इस मामले में कानून के व्यापक जन परिणाम होंगे । अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि दोषसिद्धि के विरूद्ध अंसल बंधुओं की अर्जी जैसे अन्य संबंधित विषयों को भी उसी तारीख के लिए सूचीबद्ध किया जाए।

अदालत का यह आदेश एवीयूटी के आवेदन पर आया है। एसोसिएशन ने अपने इस मामले में सुनवाई की स्पष्ट तारीख की मांग की थी जिसे पिछले साल उच्च न्यायालय के ‘नियमित बोर्ड’ के पास भेज दिया गया था।

अदालत ने कहा कि वह अपनी साथी पीठ की टिप्पणी से सहमत है कि इस मामले पर यथाशीघ्र फैसला किया जाए। अदालत ने कहा, ‘‘ इस मामले के कानून के व्यापक जन परिणाम हैं जिनमें न्यायतंत्र को प्रभावित करने वाले बिंदु भी शामिल है, इसलिए यह प्राथमिकता के दायरे में आता है। आवेदन मंजूर किया जाता है।’’

न्यायाधीश ने कहा, ‘‘ सत्यापन करने के लिए जुलाई के लिए इसे फिर अधिसूचित किया जाए कि यह मामला सुनवाई योग्य है या नहीं..... यह स्पष्ट किया जाता है कि सुनवाई की अगली तारीख आखिरी सुनवाई नहीं है। ऐसी तारीख बाद में तय की जाएगी।’’

एक मजिस्ट्रेट अदालत ने आठ नवंबर, 2021 को सुशील और गोपाल अंसल को सात साल की कैद की सजा सुनायी थी और तब से वे जेल में हैं।

हालांकि एक जिला न्यायाधीश ने 19 जुलाई , 2022 को सजा संबंधी मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश में संशोधन किया था तथा अंसल बंधुओं, पूर्व अदालतकर्मी दिनेशचंद शर्मा और अंसल के तत्कालीन कर्मी पी पी बतरा को आठ नवंबर, 2021 से तबतक काटी गयी सजा के बाद ही रिहा करने का निर्देश दिया था।

उपहार सिनेमा में 13 जून, 1997 में भयंकर आग लग गयी थी जिसमें 59 लोगों की जान चली गयी थी। इस घटना के दौरान हिंदी फिल्म ‘बार्डर’ चल रही थी।

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