देश की खबरें | उप्र : संभल दंगा मामले में गठित न्यायिक जांच आयोग ने लोगों के बयान दर्ज किए
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश के संभल में पिछले साल 24 नवंबर को यहां की शाही जामा मस्जिद में एक सर्वेक्षण के दौरान हुए दंगों की जांच के लिए प्रदेश सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग के सदस्यों ने शुक्रवार को लोगों के बयान दर्ज किए।
संभल (उप्र), 28 फरवरी उत्तर प्रदेश के संभल में पिछले साल 24 नवंबर को यहां की शाही जामा मस्जिद में एक सर्वेक्षण के दौरान हुए दंगों की जांच के लिए प्रदेश सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग के सदस्यों ने शुक्रवार को लोगों के बयान दर्ज किए।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार आयोग में उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश देवेंद्र अरोड़ा, पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरविंद कुमार जैन और उत्तर प्रदेश के पूर्व अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि ये सदस्य बयान दर्ज करने के लिए चंदौसी रोड पर पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में आए हैं।
तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग की टीम शुक्रवार को चौथी बार लोगों के बयान लेने सम्भल पहुंची, जहां पर संभल की शाही जामा मस्जिद को हिंदू मंदिर का दावा करने की मांग करने वाले अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने भी आयोग के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए।
विष्णु शंकर जैन ने पत्रकारों को बताया, ''मुझे न्यायिक आयोग ने एक नोटिस भेजकर बुलाया था। न्यायिक आयोग ने 19 नवंबर और 24 नवंबर को जो भी घटनाक्रम हुआ था, उसपर अपना बयान देने और पक्ष रखने के लिए बुलाया था। मैं न्यायिक आयोग के समक्ष प्रस्तुत हुआ और मैंने अपना विस्तृत स्टेटमेंट 19 नवंबर और 24 नवंबर की घटना पर आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया।''
जैन ने कहा, ''हमने न्यायिक आयोग के समक्ष किस तरह से पथराव हुआ, किस तरह से आगजनी हुई, किस तरह से पुलिस प्रशासन को आंसू गैस छोड़नी पड़ी और इस हिंसा के कौन कौन मास्टर माइंड थे, हिंसा के क्या कारण थे और हिंसा क्यों भड़की सारी बातें विस्तृत रूप से रखी।''
आयोग का गठन 24 नवंबर को संभल दंगे के बाद किया गया, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी और पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए थे।
आयोग ने इससे पहले, गत वर्ष एक दिसंबर, और फिर 21 और 30 जनवरी को संभल का दौरा किया था। पिछले दौरे के दौरान अधिकारियों के बयान दर्ज किए गए थे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)