देश की खबरें | उप्र कौशल विकास मिशन का 2020-21 में 7.93 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

लखनऊ, 11 नवंबर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि कौशल विकास सम्बन्धी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्राथमिकता उन क्षेत्रों को दी जाए, जिनमें रोजगार की सम्भावनाएं अधिक हों। इससे बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा वर्ष 2020-21 में 7.93 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से छह लाख युवा या शिल्पकार आरपीएल (पहले से सीखे हुए कौशल को मान्यता देना) के तहत प्रशिक्षित किये जायेंगे।

यह भी पढ़े | Bihar Assembly Elections Results 2020: चुनाव नतीजों को लेकर दिग्विजय सिंह बोले-नीतीश जी को बड़ा दिल करके तेजस्वी के लिए सीएम पद की अनुशंसा करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि पिछले किसी भी वर्ष की तुलना में इस वर्ष सबसे ज्यादा संख्या में युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा सभी लक्ष्य प्रशिक्षण प्रदाताओं को आवंटित किये जा चुके हैं। कोविड-19 के मद्देनजर लागू अनलॉक-4 व्यवस्था में प्रशिक्षण कार्यक्रम 21 सितम्बर, 2020 से ही शुरू किये गये हैं।

एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के अन्तर्गत 1.43 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु 302 नवीन संस्थाओं का चयन किया गया है। इस वर्ष 21 सितम्बर, 2020 से अब तक 52,258 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है तथा 19,413 युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

यह भी पढ़े | Bihar Assembly Elections Results: जीतनराम मांझी का चिराग पासवान पर तंज, जिस डाल पर बैठें उसे ही नहीं काटा करते.

इसके साथ ही राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा संचालित योजना में गठित महिला स्वयं सहायता समूहों की 16,150 महिलाओं को भी आरपीएल के तहत कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर स्वरोजगार से जोड़ा गया है।

युवाओं को रोजगार दिलाने की दृष्टि से 414 रोजगार मेलों का आयोजन किया गया है तथा 50,000 से अधिक युवाओं को रोजगार दिलाया गया है। इसके अतिरिक्त 943 ‘करियर काउन्सिलिंग’ शिविरों को भी आयोजित किया गया है जिनमें 52,000 से अधिक युवाओं ने भाग लिया।

सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा ‘ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफार्म’ पाठयक्रम के माध्यम से प्रदेश के 50,000 युवाओं को अन्तरराष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम निःशुल्क करने का अवसर प्रदान किया गया है। इसके माध्यम से विश्व के 200 से भी अधिक विख्यात विश्वविद्यालयों, संस्थानों तथा कम्पनियों द्वारा संचालित 3800 से अधिक उपलब्ध पाठ्यक्रमों में से अपनी रूचि के अनुसार कोर्स चयन का विकल्प दिया गया है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)