देश की खबरें | उप्र : अपहृत किए गए दो लोगों को पुलिस ने छुड़ाया, अपहरण के आरोप में दो गिरफ्तार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जिले से अपहृत किए गए दो व्यक्तियों को पुलिस की विशेष टीम ने राजस्थान में छापेमारी कर मुक्त करवाया तथा इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
नोएडा, 12 जून जिले से अपहृत किए गए दो व्यक्तियों को पुलिस की विशेष टीम ने राजस्थान में छापेमारी कर मुक्त करवाया तथा इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस उपायुक्त (जोन प्रथम) हरीश चंदर ने यह जानकारी देते हुए सोमवार को बताया कि अपहरणकर्ताओं ने जिन दो लोगों को अपहृत किया था उनमें से एक सुमित कुमार एफसीआई का अधिकारी है और फिलहाल निलंबित है। उन्होंने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने सुमित कुमार की पत्नी स्वप्निल सिंह को फोन कर उनके पति की रिहाई के लिए 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी जिसके बाद अधिकारी की पत्नी ने अपहरणकर्ताओं के खाते में साढ़े चार लाख रुपये डाल भी दिए थे।
पुलिस उपायुक्त चंदर ने बताया कि थाना सेक्टर 113 क्षेत्र के सेक्टर 73 की एक सोसाइटी की निवासी स्वप्निल सिंह ने रविवार को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में स्वप्निल ने कहा कि उनके पति सुमित कुमार आठ जून को घर से यह कहकर निकले थे कि वह सेक्टर 24 स्थित फ़ूड कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया (एफसीआई) के ऑफिस जा रहे हैं।
अधिकारी ने बताया कि स्वप्निल की शिकायत के अनुसार, उनके पति आठ जून को घर नहीं लौटे और नौ जून को पत्नी के फोन करने पर उन्होंने कहा कि उन्होंने कुछ लोगों से पैसे लिए थे और वह उनके पास ही हैं। शिकायत के अनुसार, सुमित कुमार ने कहा कि वह जिन लोगों के पास हैं वह लोग उनसे 40 लाख रुपये मांग रहे हैं और पैसे न देने पर वह उन्हें मार डालेंगे।
पुलिस उपायुक्त चंदर ने बताया कि महिला की शिकायत पर घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की और एक सूचना के आधार पर, अपहृत सुमित और हर्ष उर्फ बलराम का पता लगाया गया तथा उन्हें अगवा करने के आरोप में अशोक और संदीप भंडारी को गिरफ्तार किया गया है।
उनके अनुसार, जांच के दौरान पता चला कि एफसीआई अधिकारी सुमित निलंबित हैं, वह और हर्ष उर्फ बलराम परिचित हैं और दोनों ने आरोपियों को रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा दे कर उनसे पैसे लिए थे। अधिकारी ने बताया कि नौकरी नहीं लगने से नाराज आरोपियों ने दोनों को अगवा कर लिया था।
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