लखनऊ, तीन अक्टूबर उत्तर प्रदेश के हाथरस में दलित समुदाय की एक महिला के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म व उसकी मौत के मामले में आंदोलित विपक्ष के खिलाफ प्रदेश के मंत्री आक्रामक हो गये हैं।
प्रदेश के समाज कल्याण, अनुसूचित जाति, जनजाति कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री और वित्त व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने शनिवार को कांग्रेस तथा बहुजन समाज पार्टी के नेताओं पर निशााना साधा।
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रमापति शास्त्री ने एक बयान में कहा, ''हाथरस मामले में विपक्ष गैर जिम्मेदाराना रवैया अपना रहा है। विपक्ष को दलित बेटी की इज्जत और सम्मान प्रिय नहीं है। विपक्ष जानबूझकर इस क्षेत्र में जातीय दंगे कराना चाहता है।''
शास्त्री ने कहा, ''मायावती को मामले की गंभीरता समझनी चाहिए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहीं भी सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है फिर भी वह दलित बिटिया का अपमान कर रही हैं।''
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उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर विपक्ष ‘नार्को और पालीग्राफ’ टेस्ट से क्यों भाग रहा है।
संसदीय कार्य व वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा, ''हाथरस मामले में विपक्ष नहीं चाहता कि सच सामने आए।''
खन्ना ने भी विपक्ष पर जातीय दंगे कराने की साजिश का आरोप लगाया।
उन्होंने सवाल किया, ''राहुल गांधी महाराष्ट्र में 14 वर्षीया दलित बिटिया को न्याय दिलाने क्यों नहीं जा रहे हैं। राजस्थान... भी वह नहीं जा रहे हैं।''
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