देश की खबरें | उप्र : अधिवक्ता हत्याकांड में आठ दोषियों को उम्रकैद
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गोंडा, 17 मई उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की एक अदालत ने बलरामपुर जिले में एक अधिवक्ता की लगभग 11 साल पहले हुई हत्या के मामले में दो महिलाओं समेत आठ आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 71,750 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) विनय कुमार सिंह और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता अवधेश शुक्ल ने बताया कि बलरामपुर जिले में कोतवाली नगर थाना क्षेत्र के टेढ़ी बाजार मोहल्ला निवासी विनोद कुमार पांडेय ने जुलाई 2012 को कोतवाली देहात थाने में तहरीर देकर कहा था कि धुसाह गांव में उसके पिता स्वामी दयाल पांडेय के नाम पर भूखंड है, जिसके बगल में छोटकऊ लोहार का भी प्लाट है।
तहरीर में पांडेय ने आरोप लगाया था कि तीन जुलाई 2012 को धुसाह निवासी छोटकऊ, उसका भाई राममूरत, बेटे जितेंद्र, धर्मेंद्र व मानवेंद्र, पत्नी सावित्री और लवकुश, रीना देवी व विशाल सैनी उसके पिता के भूखंड पर जबरन कब्जा कर नींव भरने लगे, तो वह अपने अधिवक्ता भाई राजेश कुमार पांडेय के साथ मौके पर पहुंचा और उन्हें रोकने की कोशिश की।
पांडेय ने कहा कि इससे नाराज आरोपियों ने दोनों को अपशब्द कहते हुए उन पर तलवार, सरिया और ईंट से हमला कर दिया। उसने कहा कि हमले में वह और उसका भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने राजेश की गंभीर हालत को देखते हुए उसे लखनऊ रेफर कर दिया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सिंह ने बताया कि पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। इस बीच, चार जुलाई 2012 को राजेश की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई।
सिंह के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने जांच में हत्या, जानलेवा हमले, मारपीट व जान से मारने की धमकी के पुख्ता साक्ष्य मिलने पर छोटकऊ, राम मूरत, जितेंद्र, धर्मेंद्र, मानवेंद्र, लवकुश, सावित्री, रीना व विशाल सैनी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
सिंह के अनुसार, बलरामपुर में अधिवक्ताओं द्वारा आरोपियों की पैरवी करने से मना किए जाने के बाद उच्च न्यायालय के आदेश पर वर्ष 2016 में यह मुकदमा गोंडा न्यायालय के क्षेत्राधिकार में स्थानांतरित कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि मुकदमे में एक अभियुक्त विशाल सैनी के हाजिर न होने के कारण उसकी पत्रावली अलग कर दी गई।
सिंह के मुताबिक, सुनवाई के दौरान अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) पूजा सिंह ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए मंगलवार को आठों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई।
न्यायमूर्ति सिंह ने प्रत्येक आरोपी पर 71,750 रुपये का जुर्माना भी लगाया। उन्होंने जुर्माने की आधी राशि मृतक के परिजनों को देने का निर्देश भी जारी किया।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 17, 2023 12:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

