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Hyundai Motor Group: हुंडई मोटर ग्रुप का बड़ा ऐलान, भारत में 2032 तक करेगी 15.5 अरब डॉलर का निवेश

चीन और अमेरिका के बाद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार है. भारत में आयातित वाहनों पर 70 प्रतिशत से 110 प्रतिशत तक उच्च सीमा शुल्क (इम्पोर्ट ड्यूटी) लागू होता है. इसी कारण वैश्विक वाहन निर्माताओं के लिए घरेलू स्तर पर उत्पादन क्षमता बढ़ाना बेहद अनिवार्य हो जाता है.

Hyundai Motor Group: हुंडई मोटर ग्रुप का बड़ा ऐलान,  भारत में 2032 तक करेगी 15.5 अरब डॉलर का निवेश

Hyundai Motor Group:  दक्षिण कोरियाई ऑटोमोबाइल दिग्गज हुंडई मोटर ग्रुप ने भारत में 2032 तक 15.5 अरब डॉलर (लगभग 1.48 लाख करोड़ रुपये) का दीर्घकालिक निवेश करने की घोषणा की है. यह निवेश देश को कंपनी की वैश्विक वृद्धि, उभरते बाजारों में विस्तार और अगली पीढ़ी की तकनीकी नवाचारों के मुख्य केंद्र के रूप में स्थापित करेगा. हुंडई मोटर ग्रुप के कार्यकारी अध्यक्ष ईसुन चुंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच नई दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद इस बहुवर्षीय योजना की घोषणा की गई.

हुंडई के कार्यकारी अध्यक्ष ईसुन चुंग ने कहा कि भारत हुंडई मोटर ग्रुप की भावी वृद्धि और ऑटोमोटिव नवाचार के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक बाजार है. यह निवेश इस वर्ष से शुरू होकर अगले सात वर्षों की अवधि में चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा.

विनिर्माण और अनुसंधान ढांचागत विस्तार

योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह पूंजीगत निवेश कई प्रमुख परिचालन क्षेत्रों पर केंद्रित होगा. इसके तहत विनिर्माण क्षमताओं का विस्तार, घरेलू अनुसंधान और विकास (R&D) बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण, और स्पेयर पार्ट्स के स्थानीयकरण को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं का विकास शामिल है.

इसके अलावा, भविष्य की मोबिलिटी तकनीकों और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देना भी इस योजना का प्रमुख हिस्सा है. इस पूरे रोडमैप को कुशलतापूर्वक लागू करने के लिए हुंडई समूह भारत में एक समर्पित निवेश इकाई की स्थापना भी करेगा.

भारतीय बाजार का महत्व और बिक्री का रिकॉर्ड

चीन और अमेरिका के बाद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार है. भारत में आयातित वाहनों पर 70 प्रतिशत से 110 प्रतिशत तक उच्च सीमा शुल्क (इम्पोर्ट ड्यूटी) लागू होता है. इसी कारण वैश्विक वाहन निर्माताओं के लिए घरेलू स्तर पर उत्पादन क्षमता बढ़ाना बेहद अनिवार्य हो जाता है.

वर्तमान में हुंडई मोटर कंपनी चेन्नई में दो और पुणे में एक विनिर्माण संयंत्र का संचालन करती है, जबकि उसकी सहयोगी कंपनी किआ कॉर्प अनंतपुर (आंध्र प्रदेश) में अपना संयंत्र चलाती है. इन सभी संयंत्रों की कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता 14 लाख से अधिक वाहनों की है.

बाजार हिस्सेदारी और आगामी मील का पत्थर

बीते वर्ष हुंडई और किआ ने मिलकर भारत में 8,52,164 वाहन बेचे, जिससे कंपनी ने पैसेंजर व्हीकल बाजार में 18.7 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की. इस बिक्री के साथ समूह ने मारुति सुजुकी के बाद दूसरा स्थान बरकरार रखा. इसमें एसयूवी (SUV) सेगमेंट की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही, जहां हुंडई ने 3,98,937 एसयूवी वाहन बेचे, जो उसकी कुल घरेलू बिक्री का लगभग 70 प्रतिशत है.

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के आंकड़ों के अनुसार, हुंडई की भारत में कुल संचयी (Cumulative) वाहन बिक्री चालू वर्ष में 1 करोड़ (10 मिलियन) के आंकड़े को पार करने जा रही है. वर्ष 1998 में चेन्नई संयंत्र से 'सैंट्रो' मिनीकार के साथ अपना परिचालन शुरू करने के लगभग तीन दशक बाद कंपनी ने चालू वर्ष की तीसरी तिमाही तक 98.8 लाख वाहनों की कुल बिक्री दर्ज कर ली है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 14, 2026 10:50 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).