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देश की खबरें | उप्र : उच्च न्यायालय ने यौन शोषण मामले में क्रिकेटर यश दयाल की गिरफ्तारी पर रोक लगाई

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देश की खबरें | उप्र : उच्च न्यायालय ने यौन शोषण मामले में क्रिकेटर यश दयाल की गिरफ्तारी पर रोक लगाई

प्रयागराज, 15 जुलाई इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक महिला का यौन शोषण करने के आरोप में क्रिकेटर यश दयाल के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के मामले में उनकी गिरफ्तारी पर मंगलवार को रोक लगा दी।

न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अनिल कुमार की पीठ ने ‘रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु’ (आरसीबी) के लिए खेलने वाले 27 वर्षीय दयाल की याचिका पर यह आदेश दिया। उन्होंने इस याचिका में अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने और प्राथमिकी रद्द करने का अनुरोध किया था।

दयाल के खिलाफ छह जुलाई को भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 (झांसा देकर यौन संबंध बनाने) के तहत गाजियाबाद जिले के इंदिरापुरम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी जिसमें एक महिला ने उनपर यौन शोषण का आरोप लगाया था।

याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि एक व्यक्ति को धारा 69 के तहत तभी आरोपी बनाया जा सकता है जब यह साबित हो जाए कि वह व्यक्ति वादा पूरा करने इरादे के बगैर एक महिला से शादी का वादा करता है।

उन्होंने दलील दी कि प्राथमिकी में कही गई बात से यह परिलक्षित होता है कि महिला का पिछले पांच साल से याचिकाकर्ता के साथ संबंध था और वह बहुत लंबे समय तक चुप रही और जब याचिकाकर्ता का चयन भारतीय क्रिकेट टीम में हो गया तो भारी और मनमानी मांग के परोक्ष उद्देश्य से यह प्राथमिकी दर्ज कराई गई।

याचिकाकर्ता के वकील ने कहा,‘‘इस संबंध के दौरान याचिकाकर्ता ने महिला को वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया। वास्तव में याचिकाकर्ता ने उससे कोई झूठा वादा नहीं किया। इसके अलावा, प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों से यह खुलासा नहीं होता कि याचिकाकर्ता ने धोखे से महिला के साथ यौन संबंध बनाया। दोनों के बीच संबंध खराब होने के बाद यह प्राथमिकी दर्ज कराई गई।’’

हालांकि अपर शासकीय अधिवक्ता ने अपनी दलील में कहा कि महिला ने अपनी प्राथमिकी में कहा है कि याचिकाकर्ता उसका लगातार शारीरिक शोषण कर रहा था और पांच साल से शारीरिक संबंध बना रहा था।

अपर शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि जिस तरह से याचिकाकर्ता ने महिला को अपने परिजनों से मिलाया, यह पर्याप्त रूप से दर्शाता है कि वह शादी का झूठा बहाना बना रहा था।

अदालत ने कहा, “हमने प्राथमिकी पर गौर किया जिससे यह स्पष्ट है कि दोनों पक्षों के बीच पांच साल से संबंध था। इस चरण में यह तय करना मुश्किल है कि क्या शादी का कोई झूठा वादा था और यदि कोई ऐसा वादा था तो यौन सहमति प्राप्त करने के इरादे से बहुत प्रारंभ से किया गया था।”

अदालत ने कहा, “सुनवाई की अगली तिथि तक या पुलिस रिपोर्ट सौंपे जाने तक, जो भी पहले हो, याचिकाकर्ता को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।”

शिकायतकर्ता के मुताबिक, दोनों करीब पांच साल पहले मिले थे और दयाल ने उससे शादी करने का वादा किया था।

कथित पीड़िता ने यह भी दावा किया है कि दयाल शादी करने का उसका प्रस्ताव टालता रहा और अंततः उसे पता चला कि दयाल का अन्य महिलाओं के साथ भी संबंध है।

यह शिकायत शुरुआत में मुख्यमंत्री के ऑनलाइन शिकायत निपटान पोर्टल (आईजीआरएस) पर 21 जून को की गई थी।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 15, 2025 07:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).