देश की खबरें | उप्र : हथियारबंद हमलावरों ने युवक पर हमला किया, मौत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. लखीमपुर खीरी जिले के मिश्राना मोहल्ले में पुलिस चौकी के नजदीक व्यस्त सड़क पर चार से पांच हथियारबंद हमलावरों ने 20 वर्षीय युवक पर हमला कर दिया ।
लखीमपुर खीरी (उप्र), 11 मार्च लखीमपुर खीरी जिले के मिश्राना मोहल्ले में पुलिस चौकी के नजदीक व्यस्त सड़क पर चार से पांच हथियारबंद हमलावरों ने 20 वर्षीय युवक पर हमला कर दिया ।
पुलिस ने मंगलवार को बताया कि सोमवार देर शाम हुई इस घटना के बाद घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गयी ।
पुलिस ने बताया कि पीड़ित युवक अमोघ सेठ उर्फ देव सेठ (20) शहर के हाथीपुर मोहल्ले के सेठ कॉलोनी का रहने वाला था। अचानक हुए हमले से घबरा कर वह खुद को बचाने के लिए भागा और सड़क के किनारे किताबों और स्टेशनरी की दुकान में छिप गया। हमलावरों ने उसका पीछा किया और अमोघ सेठ पर बहुत करीब से गोली चला दी, जो उसके सीने में लगी। अंधाधुंध गोलीबारी में दुकान के कर्मचारी आदित्य कश्यप के हाथ में भी गोली लग गई।
बाद में हमलावर दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर मौके से फरार हो गए। अमोघ सेठ और आदित्य दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां गोली लगने से अमोघ की मौत हो गई, जबकि आदित्य की हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
होली से पहले कानून व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए यहां आए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी रेंज), लखनऊ प्रशांत कुमार और खीरी पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे और निरीक्षण किया।
पत्रकारों से आईजी प्रशांत कुमार ने कहा, "प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मृतक युवक का अनमोल नामक युवक से विवाद हुआ था, जिसे लेकर अनमोल ने अमोघ सेठ को गोली मार दी।"
खीरी एसपी संकल्प शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं।
इस बीच, मृतक युवक अमोघ सेठ के पिता भरत सेठ ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने अनमोल पुरी बाला और उसके पांच अज्ञात साथियों पर अपने बेटे की गोली मारकर हत्या करने और दुकान के कर्मचारी को घायल करने का आरोप लगाया है।
पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और हमलावरों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।
इस बीच, हमले में हाथ में गोली लगने से घायल हुए आदित्य कश्यप ने कहा कि जब एक युवक (अमोघ सेठ) उनकी किताब की दुकान में शरण लेने के लिए भागा तो उन्हें इस बारे में कुछ पता ही नहीं था। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने कहा कि अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने अमोघ पर गोलियां चलाईं, जिसमें उनके हाथ में भी चोटें आई हैं।
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