विदेश की खबरें | फसल प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए बर्मिंघम विश्वविद्यालय व हरियाणा उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करेंगे
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लंदन, पांच अक्टूबर बर्मिंघम विश्वविद्यालय और हरियाणा ने फसल प्रबंधन और टिकाऊ शीतलन (कोल्ड स्टोरेज) श्रृंखलाओं को बढ़ावा देने की खातिर राज्य में एक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
विश्वविद्यालय ने एक बयान में यह जानकारी दी।
हरियाणा उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का निर्णय मंगलवार को बर्मिंघम में ‘सेंटर फॉर सस्टेनेबल कूलिंग’ द्वारा आयोजित वैश्विक शिखर सम्मेलन में लिया गया। सम्मेलन की मेजबानी बर्मिंघम विश्वविद्यालय ने की।
विश्वविद्यालय ने बयान में कहा, ‘‘हरियाणा उत्कृष्टता केंद्र अत्याधुनिक अनुप्रयुक्त अनुसंधान करने के साथ ही क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण प्रदान करेगा। यह स्थायी कोल्ड स्टोरेज उपलब्ध करने के लिए विशेषज्ञों, निवेशकों, कृषि-खाद्य व्यवसाय, किसान सहकारी समितियों और ऊर्जा या रसद प्रदाताओं को जोड़ेगा।’’
यह समझौता रवांडा सरकार और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के साथ मिलकर स्थापित किए गए ‘अफ्रीका सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर सस्टेनेबल कूलिंग एंड कोल्ड-चेन’ (एसीईएस) पर आधारित है।
इस वर्ष की शुरुआत में तेलंगाना उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के लिए तेलंगाना राज्य के साथ ऐसे ही एक समझौते पर हस्ताक्षर किये गए थे।
कार्यक्रम के दौरान मौजूद हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जयप्रकाश दलाल ने कहा कि यह उत्कृष्टता केंद्र फसल कटाई के बाद की प्रौद्योगिकियों को विकसित और प्रदर्शित करने की दिशा में एक बड़ी छलांग होगी। उन्होंने कहा कि यह केंद्र जल्दी खराब होने वाली उपज को लंबे समय तक उपयोग योग्य बनाए रखने में मददगार साबित होगा।
उन्होंने कहा कि यह केंद्र न केवल किसानों बल्कि शोधकर्ताओं और उद्यमियों की जरूरतों को भी पूरा करेगा।
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