देश की खबरें | केंद्रीय मंत्री चौहान वायनाड में पीएमजीएसवाई के तहत कार्यों में तेजी लाएं: प्रियंका गांधी वाद्रा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस नेता और केरल के वायनाड से लोकसभा सदस्य प्रियंका गांधी वाद्रा ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से वायनाड जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 (पीएमजीएसवाई-4) के तहत किए जाने वाले कार्यों में तेजी लाने का आग्रह किया।
तिरुवनंतपुरम, एक जून कांग्रेस नेता और केरल के वायनाड से लोकसभा सदस्य प्रियंका गांधी वाद्रा ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से वायनाड जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 (पीएमजीएसवाई-4) के तहत किए जाने वाले कार्यों में तेजी लाने का आग्रह किया।
उन्होंने केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री को लिखे पत्र में कहा कि वायनाड जिले में साल भर सड़क संपर्क से वंचित 331 बस्तियों की पहचान की गई है, जिनमें से केवल कलपेट्टा ब्लॉक की 64 बस्तियों से संबंधित प्रस्तावों को ही राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी (एनआरआईडीए) द्वारा मंजूरी दी गई है।
प्रियंका ने कहा कि सभी 331 सड़कों को केरल राज्य ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी द्वारा पहले ही मंजूरी दे दी गई है।
उन्होंने पत्र में कहा कि सुल्तान बाथरी, मनंतवाडी और पनामारम ब्लॉक में कुल 267 बस्तियों से संबंधित कार्य अब भी ऑनलाइन प्रबंधन, निगरानी और लेखा प्रणाली (ओएमएमएएस) पर एनआरआईडीए से मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।
कांग्रेस महासचिव ने पत्र में कहा, ‘‘इन ब्लॉक में आदिवासियों की उल्लेखनीय आबादी है। पीएमजीएसवाई दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि आकांक्षी ब्लॉक के आदिवासी बहुल गांवों को प्राथमिकता दी जाएगी।’’ उन्होंने कहा कि कार्यों को मंजूरी दी जानी चाहिए और कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाना चाहिए।
प्रियंका ने कहा कि उन्हें जानकारी दी गई है कि साल भर सड़क संपर्क से वंचित 25 बस्तियों को ओएमएमएएस पर गलत तरीके से जुड़ी हुई बस्तियों के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
उन्होंने कहा कि एनआरआईडीए की अनुमोदन प्रक्रिया की जांच की जानी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अधिक न्यायसंगत और निष्पक्ष प्रक्रिया का पालन किया जाए और वायनाड के सभी ब्लॉक की बस्तियों को जोड़ने की मंजूरी पर उचित तरीके से विचार किया जाए।
वायनाड की लोकसभा सदस्य ने यह भी अनुरोध किया कि जिले के संबंधित प्राधिकारियों को बस्तियों की स्थिति के संबंध में ओएमएमएएस सॉफ्टवेयर में आवश्यक परिवर्तन करने की अनुमति दी जाए ताकि वे सही और अद्यतन जानकारी दर्ज कर सकें।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)