श्रीनगर, एक फरवरी नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) ने बुधवार को पेश किये गये केंद्रीय बजट को "पूरी तरह से विफल" और "शब्दों की बाजीगरी" करार दिया।
नेकां के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने यहां कहा, ‘‘यह शब्दों की बाजीगरी थी तथा बजट में और कुछ नहीं है। शब्दों और आंकड़ों से खेलने के अलावा, मुझे लगता है कि बजट पूरी तरह से विफल है।’’
हाल में आयी ऑक्सफैम की एक रिपोर्ट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में गरीब और गरीब तथा अमीर और अमीर हो गए हैं। उल्लेखनीय है कि रिपोर्ट में कहा गया था कि देश में 84 प्रतिशत परिवारों की आय में कमी आई है और अरबपतियों की संख्या 2020 के 102 से बढ़कर 2022 में 142 हो गई।
उन्होंने कहा, ‘‘मध्यम वर्ग और गरीबों को उम्मीद थी कि 80सी (आयकर अधिनियम की धारा) की सीमा बढ़ाई जाएगी, कर ‘स्लैब’ को बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया जाएगा। जम्मू कश्मीर के लिए बागवानी, कृषि, पर्यटन, परिवहन, कारीगरों पर कोई चर्चा नहीं हुई। यहां के लोगों को इस बजट से बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन इसमें कुछ भी नहीं है, बेरोजगारी या रोजगार (सृजन) के बारे में भी कुछ नहीं है।’’
उन्होंने दावा किया कि बजट में गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए कुछ भी नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस बजट की खास बात यह है कि इसे देश में एक महिला राष्ट्रपति रहने के दौरान एक महिला वित्त मंत्री द्वारा पेश किया गया। यह इसके बारे में एकमात्र अच्छी बात है।’’
सादिक ने कहा कि जम्मू कश्मीर में हितधारकों के साथ बजट पूर्व कोई परामर्श नहीं किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘ इससे जाहिर होता है कि जम्मू कश्मीर में एक निर्वाचित सरकार कितनी महत्वपूर्ण है, जो कम से कम लोगों की भावनाओं को तो समझती है।’’
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