विदेश की खबरें | संरा प्रमुख ने हैती में आपराधिक गिरोहों से निपटने के लिए विशेष पुलिस बल और सैन्य समर्थन मांगा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. संरा महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को लिखे एक 12 पन्नों के पत्र में कहा कि हैती में सुरक्षा हालात को देखते हुए स्थिति सामान्य करने के लिए वहां कई कठोर कानून प्रवर्तन उपायों की जरूरत पड़ेगी, जिसमें भारी हथियारों से लैस गिरोहों के खात्मे के लिए पुलिस अभियानों में बल का सक्रिय उपयोग भी शामिल है।
संरा महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को लिखे एक 12 पन्नों के पत्र में कहा कि हैती में सुरक्षा हालात को देखते हुए स्थिति सामान्य करने के लिए वहां कई कठोर कानून प्रवर्तन उपायों की जरूरत पड़ेगी, जिसमें भारी हथियारों से लैस गिरोहों के खात्मे के लिए पुलिस अभियानों में बल का सक्रिय उपयोग भी शामिल है।
सुरक्षा परिषद ने 14 जुलाई को एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसके जवाब में यह पत्र आया है। सुरक्षा परिषद ने गुतारेस को हैती के सशस्त्र आपराधिक गिरोहों से निपटने में मदद करने के लिए 30 दिनों के भीतर गैर-संयुक्त राष्ट्र के एक बहुराष्ट्रीय बल सहित सभी विकल्पों पर गौर करने को कहा था।
गुतारेस ने अंतरराष्ट्रीय बल का नेतृत्व करने के केन्या के फैसले के साथ-साथ बहामास, जमैका के समर्थन और बल में योगदान देने के एंटीगुआ और बारबुडा की घोषणा का स्वागत किया। उन्होंने अन्य देशों, विशेषतौर पर अमेरिका से इस पहल में योगदान देने का आग्रह किया।
'ह्यूमन राइट्स वॉच' के मुताबिक, गिरोहों ने हैती पुलिस को बेबस कर दिया है और विशेषज्ञ अनुमान लगा रहे हैं कि अब राजधानी पोर्ट-औ-प्रिंस के करीब 80 फीसदी हिस्से पर गिरोह का नियंत्रण है। 1.10 करोड़ से ज्यादा की आबादी वाले इस देश में सिर्फ 10 हजार पुलिस अधिकारी है और जनवरी से जून तक 30 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की मौत हो चुकी है।
गुतारेस ने कहा कि सशस्त्र गिरोहों ने राजधानी को चारों ओर से घेर लिया है, जिसकी वजह से देश के उत्तरी, दक्षिणी और पूर्वी इलाकों से मुख्य सड़कों का संपर्क टूट गया है। वहीं मध्य हैती के आर्टिबोनाइट क्षेत्र और अन्य इलाकों में हिंसा फैलने की वजह से जरूरी सामान की आपूर्ति बाधित हो रही है।
उन्होंने एक रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें बताया गया कि गिरोह सार्वजनिक स्थानों पर मौजूद लोगों और उनके घरों पर गोलियां बरसा रहे हैं, सार्वजनिक वाहनों में लोगों को जिंदा जला रहे हैं, प्रतिद्वंदी गुट के लड़ाकों को फांसी दे रहे हैं, गिरोहों में बच्चों को शामिल कर रहे हैं और महिलाओं व लड़कियों के साथ दुष्कर्म कर रहे हैं।
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