विदेश की खबरें | रूस में एर्दोआन-पुतिन की बातचीत में यूक्रेन-सीरिया के शीर्ष पर रहने की उम्मीद
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

पिछले महीने तुर्किये और संयुक्त राष्ट्र ने रूस और यूक्रेन के बीच मध्यस्थता समझौता कराने में मदद की। इससे यूक्रेन के लिए काला सागर बंदरगाह पर फंसे 2.2 करोड़ टन अनाज और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात का रास्ता साफ हो गया। यूक्रेन पर पांच महीना पहले रूसी हमले के बाद से यह पहली बार है, जब यूक्रेन से अनाज के निर्यात को लेकर समझौता हुआ है।

यह समझौता रूस को अनाज और उर्वरक निर्यात करने की भी अनुमति देता है। इस सप्ताह के शुरू में पहले पोत के रवाना होने के बाद शुक्रवार को हजारों टन मक्का लेकर तीन जहाज यूक्रेनी बंदरगाहों से रवाना हुए।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि सोची में शुक्रवार की वार्ता पुतिन और एर्दोआन को अनाज सौदे के कार्यान्वयन की समीक्षा करने की अनुमति देगी।

नाटो-सदस्य तुर्किये और रूस के बीच जटिल संबंध हैं। दोनों देश सीरिया और लीबिया में विरोधी पक्षों का समर्थन करते हैं, लेकिन रक्षा, ऊर्जा और व्यापार को लेकर दोनों के बीच निकट संबंध हैं।

उनके संबंधों ने तुर्किये के पश्चिमी सहयोगियों को निराश किया है, जो विशेष रूप से अंकारा द्वारा एक परिष्कृत रूसी वायु रक्षा प्रणाली की खरीद से नाराज थे।

तुर्की ने यूक्रेन को ड्रोन प्रदान किए हैं, जिसने युद्ध के प्रारंभिक चरण में रूसी सेना की बढ़त को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन यह रूस के खिलाफ प्रतिबंधों में शामिल नहीं हुआ है।

आधिकारिक तौर पर मुद्रास्फीति के 80 फीसदी पर पहुंचने और बड़े आर्थिक संकट के बीच, तुर्किये तेजी से व्यापार और पर्यटन के लिए रूस पर निर्भर है।

एपी

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