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जरुरी जानकारी | ब्रिटेन-भारत एफटीए से व्यापार में कम से कम 20 अरब डॉलर की वृद्धि होगी: अनिल अग्रवाल

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बृहस्पतिवार को हस्ताक्षर होने के बाद वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच व्यापार में कम से कम 20 अरब डॉलर की वृद्धि होगी और रोजगार के अधिक अवसरों का सृजन होगा।

जरुरी जानकारी | ब्रिटेन-भारत एफटीए से व्यापार में कम से कम 20 अरब डॉलर की वृद्धि होगी: अनिल अग्रवाल

नयी दिल्ली, 24 जुलाई भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बृहस्पतिवार को हस्ताक्षर होने के बाद वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच व्यापार में कम से कम 20 अरब डॉलर की वृद्धि होगी और रोजगार के अधिक अवसरों का सृजन होगा।

दुनिया की पांचवीं और छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं ने बृहस्पतिवार को एक ऐतिहासिक एफटीए पर हस्ताक्षर किए। इससे सौंदर्य प्रसाधन और कपड़ों से लेकर व्हिस्की और कारों तक के शुल्क में कमी आएगी और दोनों देशों के व्यवसायों के लिए अधिक बाजार पहुंच संभव होगी।

इस समझौते पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ब्रिटेन यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए गए।

अग्रवाल ने कहा, “मैं इस ऐतिहासिक समझौते के लिए प्रधानमंत्री मोदी और (ब्रिटेन के) प्रधानमंत्री (केअर) स्टार्मर को बधाई देता हूं। यह ब्रिटेन और भारत के बीच एक बड़ी उपलब्धि है क्योंकि वे प्रगति के पथ पर अग्रसर हैं।”

उन्होंने कहा कि यह समझौता तीन वर्षों की बातचीत के बाद हुआ है तथा इस समझौते तक पहुंचने में काफी मेहनत लगी है।

उन्होंने कहा, “यह मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए फ़ायदेमंद होगा। इससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और दोनों देशों में रोज़गार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा होंगे। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार में कम से कम 20 अरब डॉलर की वृद्धि होगी।”

बीपी इंडिया के चेयरमैन कार्तिकेय दुबे ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच समझौता नवीकरणीय ऊर्जा सहित ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और निवेश बढ़ाने का रास्ता साफ करेगा।

उन्होंने कहा, “ब्रिटेन-भारत मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) दो साझेदार देशों के बीच व्यापार संबंधों को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न सिर्फ वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार आसान होगा, बल्कि प्रतिभा और विशेषज्ञता का निर्बाध प्रवाह भी संभव होगा। ऊर्जा क्षेत्र में, इससे नवीकरणीय ऊर्जा सहित अन्य सहयोग और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।”

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 24, 2025 04:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).