देश की खबरें | यूडीएफ ने वाम सरकार से सबरीमाला में सांप्रदायिकता को मुद्दा बनाने का मौका न देने का आग्रह किया

वायनाड, 19 अक्टूबर विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने शनिवार को केरल की वाम सरकार से आग्रह किया कि वह आगामी तीर्थयात्रा सीजन के दौरान प्रसिद्ध सबरीमला भगवान अयप्पा मंदिर में सांप्रदायिकता को मुद्दा बनाये जाने का मौका न दे।

राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (एलओपी) वी.डी. सतीशन ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मासिक पूजा और अनुष्ठानों के लिए मलयालम महीने थुलम के पहले दिन मंदिर खुलने के बाद से यहां भारी भीड़ देखी जा रही है।

उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों को दर्शन के लिए सात घंटे तक कतार में लगना पड़ता है और सरकार ने वहां पीने के पानी की व्यवस्था या पर्याप्त पुलिसकर्मियों की तैनाती सहित कोई व्यवस्था नहीं की है।

सतीशन ने कहा कि विपक्ष ने इस संबंध में हाल ही में राज्य विधानसभा में चेतावनी जारी की थी।

उन्होंने बताया कि पिछले साल ‘वर्चुअल क्यू बुकिंग’ की संख्या प्रतिदिन 90,000 और ‘स्पॉट बुकिंग’ 15,000 थी।

उन्होंने कहा कि इस साल मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसे प्रतिदिन 80,000 तक सीमित कर दिया गया था।

सतीशन ने सरकार से ऐसी स्थिति पैदा न करने का आग्रह किया कि प्रतिबंधों के कारण भक्तों को भगवान अयप्पा मंदिर में दर्शन किए बिना वापस लौटना पड़े। उन्होंने इस संबंध में अप्रैल में त्रिशूर पूरम में हुई घटना का जिक्र किया।

त्रिशूर पूरम के दिन विभिन्न अनुष्ठानों में व्यवधान ने हाल ही में राज्य में राजनीतिक विवाद को जन्म दिया था।

एलओपी ने कहा कि यूडीएफ नहीं चाहता कि सबरीमाला फिर से विवाद का विषय बने, इसलिए सरकार से आग्रह है कि वह तीर्थयात्रियों की संख्या सीमित करने के अपने फैसले के माध्यम से आगामी तीर्थयात्रा सीजन के दौरान इस मंदिर में सांप्रदायिक लोगों को कोई मुद्दा बनाने का मौका न दे।

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