वायनाड (केरल), 13 फरवरी केरल के पर्वतीय जिले वायनाड में जंगली पशुओं के हमलों के कारण हुईं हालिया मौतों के विरोध में कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने बृहस्पतिवार को सुबह से शाम तक की हड़ताल शुरू की।
टीवी चैनलों पर प्रसारित वीडियों में यूडीएफ कार्यकर्ता जिले के विभिन्न हिस्सों में सड़कें जाम करते दिखे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और दूर ले गई।
चूरलमाला के पास अट्टामाला में एक चाय बागान में जंगली हाथी के हमले में 27 वर्षीय युवक की मौत के बाद यह हड़ताल आयोजित की गई थी। इसी स्थान पर पिछले साल जुलाई में भूस्खलन के कारण 200 से अधिक लोगों की जान गई थी।
मृतक की पहचान आदिवासी समुदाय के सदस्य बालकृष्णन के रूप में हुई है। वह चाय बागान से सटे धान की खेती करने वाले एक गांव का निवासी था।
जिले के नूलपुझा गांव के वन क्षेत्र में 45 वर्षीय एक अन्य व्यक्ति की जंगली हाथी के हमले में मौत के बाद यह दूसरी घटना है। यह इलाका केरल-तमिलनाडु सीमा पर स्थित है।
यूडीएफ ने राज्य सरकार पर लोगों को जंगली जानवरों के हमलों से बचाने के लिए उचित कदम न उठाने का आरोप लगाते हुए हड़ताल का आह्वान किया।
हड़ताल से आवश्यक सेवाओं के साथ-साथ परीक्षा, शादी और वार्षिक धार्मिक त्योहारों के लिए आवागमन की छूट दी गई थी।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी डी सतीसन ने बुधवार को कहा था कि बीते तीन दिनों में ही राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में चार लोगों की हाथी के हमले में मौत हो गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ एक सप्ताह में पांच लोगों की जान जा चुकी है।’’
सतीसन ने इसके पहले भी मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को जंगली जानवरों के हमलों से बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की थी।
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