देश की खबरें | दिल्ली में इस सप्ताह आंधी-तूफान और बारिश का अनुमान : आईएमडी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस महीने के आखिरी सप्ताह में आसमान में बादल छाये रहने, आंधी-तूफान और बारिश होने का अनुमान है। यह महीना पहले ही अब तक का सबसे अधिक बारिश वाला मई माना जा रहा है। यह जानकारी भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को दी।

नयी दिल्ली, 26 मई राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस महीने के आखिरी सप्ताह में आसमान में बादल छाये रहने, आंधी-तूफान और बारिश होने का अनुमान है। यह महीना पहले ही अब तक का सबसे अधिक बारिश वाला मई माना जा रहा है। यह जानकारी भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को दी।

मौसम विभाग ने अपने साप्ताहिक मौसम पूर्वानुमान में कहा कि दिल्ली में बादल छाए रहने, मेघगर्जन और बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही 30-50 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है, जो 60 किलोमीटर प्रतिघंटे तक भी पहुंच सकती हैं।

पूर्वानुमान के अनुसार न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि अधिकतम तापमान 33 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

आईएमडी ने कहा कि पिछले शनिवार को मौसम में अचानक बदलाव के कारण कुछ ही घंटे में 81.4 मिलीमीटर बारिश हुई, जिससे दिल्ली में 1901 के बाद से सबसे अधिक बारिश वाला मई महीना दर्ज किया गया।

इस महीने की कुल वर्षा 186.4 मिलीमीटर तक पहुंच गई है, जो मई 2008 में 165 मिलीमीटर के पिछले रिकॉर्ड को पार कर गई है।

अकेले रविवार की बारिश - जिसे आईएमडी मानकों द्वारा "भारी" के रूप में वर्गीकृत किया गया है - मई में शहर में किसी एक दिन दर्ज की गई दूसरी सबसे अधिक बारिश थी। इससे पहले 20 मई, 2021 को 119.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी।

असामान्य रूप से तेज तूफान आर्द्र दक्षिण-पूर्वी हवाओं और शुष्क पश्चिमी हवाओं के बीच परस्पर क्रिया का परिणाम था। आईएमडी आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली में 2 मई को पहले ही 77 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी थी।

हाल ही में हुई बेमौसम और तेज वर्षा, जिसके कारण यह मई माह अब तक का सबसे अधिक वर्षा वाला महीना बन गया है, भारत के मानसून-पूर्व मौसम पैटर्न में बढ़ती परिवर्तनशीलता को दर्शाता है।

काउंसिल आन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर (सीईईडब्ल्यू) के वरिष्ठ कार्यक्रम प्रमुख विश्वास चितले ने कहा, ‘‘हालांकि पश्चिमी विक्षोभ जैसी स्थानीय प्रणालियों ने इसमें योगदान दिया, लेकिन व्यापक प्रवृत्ति गर्म होते वातावरण की ओर इशारा करती है, जो अधिक नमी को धारण करती है और स्थापित मौसमी लय को बाधित करती है।’’

वर्ष 2024 में, दिल्ली में लंबे समय तक भीषण गर्मी के बाद जून के अंत में अत्यधिक वर्षा देखी गई।

चिताले ने बताया कि इस साल, मानसून केरल में उम्मीद से एक सप्ताह पहले आ गया है और इसके अपने सामान्य समय के आसपास दिल्ली पहुंचने का अनुमान है।

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