विदेश की खबरें | अमेरिका के केनोशा में प्रदर्शन के दौरान गोली लगने से दो लोगों की मौत, एक की हालत गंभीर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. केनोशा पुलिस के लेफ्टिनेंट जोसेफ नोसालिक ने बताया कि विरोध प्रदर्शन वाले क्षेत्र में रात पौने बारह बजे गोलीबारी हुई। घायल व्यक्ति की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उसे एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है ।

केनोशा पुलिस के लेफ्टिनेंट जोसेफ नोसालिक ने बताया कि विरोध प्रदर्शन वाले क्षेत्र में रात पौने बारह बजे गोलीबारी हुई। घायल व्यक्ति की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उसे एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है ।

गोलीबारी की जांच की जा रही है और इस संबंध में और कोई सूचना जारी नहीं की गयी है । मृतकों की पहचान नहीं हो पायी है ।

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अश्वेत व्यक्ति जेकब ब्लेक के अटॉर्नी ने कहा कि पुलिस द्वारा कई गोलियां मारने के बाद वह (ब्लेक) लकवाग्रस्त हो गए हैं।

केनोशा में रविवार को ब्लेक को पुलिस ने गोली मार दी । घटना के समय उनके तीन बच्चे भी वहां मौजूद थे । इस घटना के बाद कई शहरों में नए सिरे से प्रदर्शन शुरू हो गए। इससे पहले मिनियापोलिस में पुलिस ने जॉर्ज फ्लॉयड को गोली मार दी थी जिसके कारण व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुआ था।

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जेकब के पिता ने परिवार के अन्य सदस्यों और वकीलों के साथ संवाददाताओं से कहा, ‘‘उन्होंने मेरे बेटे को सात बार गोली मारी, सात बार… जैसे मेरा बेटा कोई मायने ही नहीं रखता है। लेकिन मैं बता दूं कि मेरा बेटा मायने रखता है। वह एक इंसान है और उसका जीवन मायने रखता है।’’ ब्लेक के पिता का नाम भी जेकब ब्लेक है।

अटॉर्नी बेन क्रम्प ने कहा कि 29 वर्षीय ब्लेक का ऑपरेशन हो रहा है। गोली उनके मेरुरज्जू में लगी है जिससे उनकी रीढ़ में बुरी तरह चोट आई है। वहीं एक अन्य अटॉर्नी ने बताया कि इससे ब्लेक के शरीर के अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचा है।

क्रम्प ने कहा, ‘‘किसी चमत्कार के बाद ही जेकब ब्लेक दोबारा चल पाएंगे।’’

कानूनी टीम गोलीबारी की घटना को लेकर पुलिस विभाग के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज कराने पर विचार कर रही है । पुलिस ने इस बारे में अभी बताया नहीं है कि उस दिन क्या हुआ था, सिवाए इसके कि घरेलू विवाद के बारे में सूचना पाकर वे वहां पहुंचे थे। घटना में शामिल पुलिसकर्मियों के नाम उजागर नहीं किए गए हैं । विस्कॉन्सिन न्याय विभाग मामले की जांच कर रहा है ।

प्रदर्शनकारियों का एक समूह मंगलवार को अदालत के आसपास लगाए गए अवरोधक की तरफ आया और उसे हटाने लगा। प्रदर्शनकारियों ने इस अवरोधक पर बोतलें और पटाखे भी फेंके जिसके बाद अवरोधक के पीछे खड़े पुलिसकर्मी आगे बढ़ने लगे। पुलिस की बख्तरबंद गाड़ियां आगे बढ़ीं और भीड़ पर आंसू गैस के गोले दागे गए।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटने के आदेश दिए लेकिन प्रदर्शनकारियों ने ‘अश्वेत लोगों का जीवन मायने रखता है’ के नारे लगाए। इसके बाद पुलिस ने रबड़ की गोलियां चलाईं।

विस्कॉन्सिन के गवर्नर टोनी एवर्स ने शांति की अपील की और आपात स्थिति की घोषणा की । इसके तहत केनोशा में नेशनल गार्ड की तैनाती भी 125 से बढ़ाकर 250 कर दी गयी है ।

केनोशा में मंगलवार को सैकड़ों लोगों ने कर्फ्यू का उल्लंघन किया । एक दिन पहले भी तोड़फोड़ की बड़ी घटनाएं हुई थी।

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