देश की खबरें | 'योगी' और गोरखनाथ मंदिर के नाम पर ठगी करने वाले दो लोग गिरफ्तार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. "योगी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया" नामक संस्था बनाकर लोगों, खासकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं को पार्टी में पद दिलाने का झांसा देकर ठगने वाले दो जालसाज़ों को गोरखपुर में गिरफ्तार कर लिया गया।

गोरखपुर (उप्र), 18 दिसंबर "योगी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया" नामक संस्था बनाकर लोगों, खासकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं को पार्टी में पद दिलाने का झांसा देकर ठगने वाले दो जालसाज़ों को गोरखपुर में गिरफ्तार कर लिया गया।

अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) कृष्ण कुमार बिश्नोई ने सोमवार को बताया कि पुलिस ने रविवार की शाम को दो जालसाज़ों को गिरफ्तार किया।

उन्होंने बताया कि दोनों ने अपने नाम के साथ 'योगी' लगाया है और अपने दावों को विश्वसनीयता देने के लिए अपने पते के रूप में गोरखनाथ मंदिर का उल्लेख किया है।

बिश्नोई ने बताया कि पकड़े गये लोगों में गाजियाबाद निवासी हर्ष चौहान उर्फ योगी हर्षनाथ और महराजगंज निवासी योगी केदारनाथ उर्फ केदारनाथ अग्रहरि शामिल है।

उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ गैंगस्टर कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है तथा उनके बैंक खातों पर रोक लगा दी गई है।

बिश्नोई ने बताया कि ठगों ने 13 दिसंबर को 'योगी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया' के नाम से एक 'एमएसएमई' कंपनी शुरू की और अपने दावे को अधिक प्रामाणिक बनाने के लिए गोरखनाथ मंदिर को अपने पते के तौर पर दर्ज कराया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठ के महंत हैं और अपने गोरखपुर प्रवास के दौरान वह गोरखनाथ मंदिर में जनता से मुलाकात करते हैं।

बिश्नोई ने बताया कि दोनों अभियुक्तों ने अपने नाम के साथ 'योगी' जोड़ लिया और वे 1100 रुपये प्रति वर्ष लेकर पूरे देश से लोगों को अपने संगठन का सदस्य बना रहे थे और कुछ ही दिनों में उन्होंने खासी रकम इकट्ठा कर ली।

भाजपा की कानपुर इकाई की 'मंडल मंत्री' रंजना सिंह की शिकायत पर पुलिस ने इस मामले में कार्यवाही शुरू की थी।

ठगों ने रंजना को उच्च पद दिलाने का वादा किया था। हालांकि असलियत जानने के बाद रंजना ने उनके खिलाफ गोरखपुर के कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत में उन्होंने कहा कि उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप पर योगी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया से जुड़ने के लिए एक लिंक मिला था और कुछ ही समय बाद केदारनाथ ने फोन किया और उनके आधार कार्ड की एक प्रति, एक फोटो और धन की मांग की।

बिश्नोई ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 77 फर्जी नियुक्ति पत्र, 83 नकली लेटरहेड, आठ आवेदन पत्र, जनता दर्शन में शामिल होने के अनुरोध वाले पत्र, दो मोबाइल फोन और फर्जी आईडी बरामद कीं।

उन्होंने बताया कि उनके पास से आम लोगों की समस्याओं से जुड़े कुछ पत्र भी बरामद हुए हैं।

उन्होंने बताया कि फर्जीवाड़ा करने वाले संगठन से जुड़े दो और लोगों के नाम सामने आए हैं और जांच के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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