श्योपुर (मध्य प्रदेश), 20 सितंबर मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में नर चीता पवन और मादा चीता नाभा को बुधवार को बड़े बाड़े में स्थानांतरित किया गया। इसके साथ ही पिछले तीन दिनों में बड़े बाड़े में स्थानांतरित चीतों की संख्या बढ़ कर छह हो गई है।
इन दोनों चीतों को छोटे बाड़ों से बड़े बाड़ों में स्थानांतरित किया गया है।
बुधवार को यहां जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, नर चीता पवन और मादा चीता नाभा को उनके स्वास्थ्य परीक्षण के बाद प्रोटोकॉल का पालन करते हुए बुधवार को बड़े बाड़े में स्थानांतरित कर दिया गया। स्थानांतरण की प्रक्रिया वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में पशु चिकित्सा अधिकारियों की टीम द्वारा सफलतापूर्वक पूरी की गई।
बड़े बाड़े में छोड़ने से पहले दोनों चीतों को सैटेलाइट-कॉलर लगाया गया है। विज्ञप्ति के अनुसार, दोनों चीते स्वस्थ हैं और स्वास्थ्य जांच के लिए उन्हें छोटे बाड़ों में रखा गया था।
अधिकारियों के अनुसार, नर चीतों गौरव-शौर्य और वायु-अग्नि को क्रमशः रविवार और सोमवार को बड़े बाड़ों में छोड़ा गया।
भारत में चीतों को फिर से बसाने की परियोजना के तहत, पिछले साल 17 सितंबर को आठ नामीबियाई चीतों को कूनो के बाड़ों में छोड़ा गया था, जिनमें पांच मादा और तीन नर चीते शामिल थे।
इस साल फरवरी में दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते कूनो पहुंचे। बाद में, कूनो में चार शावकों का जन्म हुआ, जिससे यहां चीतों की संख्या बढ़कर 24 हो गई।
अधिकारियों ने कहा कि मार्च से अब तक तीन शावकों सहित नौ चीतों की मौत हो चुकी है। कूनों में फिलहाल 14 चीते और एक शावक स्वस्थ स्थिति में हैं।
भारत में 1952 में चीतों को विलुप्त घोषित कर दिया गया था।
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