देश की खबरें | उच्चतम न्यायालय में दो न्यायाधीश नियुक्त, शीर्ष न्यायालय में होगी न्यायाधीशों की अधिकतम संख्या
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नयी दिल्ली, 16 जुलाई न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह और न्यायमूर्ति आर महादेवन को मंगलवार को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया।
उनके शपथ ग्रहण करने के बाद उच्चतम न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश सहित कुल न्यायाधीशों की संख्या फिर से 34 हो जाएगी। शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की स्वीकृत अधिकतम संख्या 34 है।
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ के जरिए इन नियुक्तियों की घोषणा की।
जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एन कोटिश्वर सिंह मणिपुर से शीर्ष न्यायालय में नियुक्त होने वाले पहले न्यायाधीश बन गए हैं।
उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने 11 जुलाई को न्यायमूर्ति महादेवन के साथ उनके नाम की सिफारिश करते हुए कहा था, "उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में उनकी नियुक्ति से पूर्वोत्तर को प्रतिनिधित्व मिलेगा और विशेष रूप से वह उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने वाले, मणिपुर राज्य से पहले न्यायाधीश होंगे।"
न्यायमूर्ति सिंह मूल रूप से मणिपुर के रहने वाले हैं। उन्हें अक्टूबर 2011 में गौहाटी उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। मणिपुर उच्च न्यायालय के गठन के बाद उन्हें वहां स्थानांतरित कर दिया गया।
फरवरी 2023 में उन्हें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। वह 65 वर्ष की आयु हो जाने पर फरवरी 2028 में पदमुक्त होंगे।
न्यायमूर्ति महादेवन वर्तमान में मद्रास उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश हैं।
पदोन्नति के लिए उनके नाम की सिफारिश करते हुए कॉलेजियम ने कहा था कि "न्यायमूर्ति महादेवन तमिलनाडु राज्य के एक पिछड़े समुदाय से हैं। उनकी नियुक्ति से (उच्चतम न्यायालय की) पीठ में विविधता आएगी।"
उसने कहा था, "कॉलेजियम ने इस तथ्य पर उचित संज्ञान लिया है कि न्यायमूर्ति महादेवन मद्रास उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीशों की सूची में तीसरे स्थान पर हैं, जिनमें वे न्यायाधीश भी शामिल हैं जिन्हें मद्रास उच्च न्यायालय के बाहर मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।’’
इसमें कहा गया है, "इस स्तर पर कॉलेजियम ने पिछड़े समुदाय को प्रतिनिधित्व देने के लिए न्यायमूर्ति महादेवन की उम्मीदवारी को प्राथमिकता दी है।"
न्यायमूर्ति महादेवन का जन्म 10 जून 1963 को हुआ था और वे जून 2028 में पदमुक्त होंगे।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 16, 2024 05:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

