देश की खबरें | काज़ीरंगा में अवैध तरीके से मछली पकड़ने के जुर्म में दो पूर्व विधायकों को दो-दो साल की कैद

गोलाघाट (असम), पांच मार्च असम के गोलाघाट जिले की एक स्थानीय अदालत ने काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में अवैध तरीके से मछली पकड़ने और वन रेंजरों पर हमला करने के करीब 12 साल पुराने मामले में राज्य के दो पूर्व विधायकों को शनिवार को दो-दो साल जेल की सज़ा सुनाई।

अदालत ने दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसका भुगतान नहीं करने पर उन्हें दो महीने अतिरिक्त जेल में बिताने होंगे।

अतिरिक्त जिला न्यायाधीश कौशिक हजारिका ने 2009 के मामले में पूर्व विधायक जितेन गोगोई और कुशल डोवारी सहित पांच लोगों के खिलाफ फैसला सुनाया।

उस समय गोगोई और डोवारी क्रमशः बोकाखत और थौरा सीटों से निर्दलीय विधायक थे और उनपर अपने साथियों के साथ राष्ट्रीय उद्यान में जबरन घुसने और उद्यान में अवैध तरीके से मछली पकड़ने का आरोप था।

तत्कालीन वन रेंजर डंबरूधर बोरो ने उन्हें ऐसा करने से रोका था जिसके चलते दोनों विधायक और उनके साथी बोरो को धमकाने और मारपीट करने लगे थे।

बोरो ने बाद में उनके खिलाफ पुलिस मामला दर्ज कराया था और उन्हें शनिवार को अदालत ने वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत सजा सुनाई ।

मामले के सभी पांच दोषी जमानत पर हैं और उन्हें तुरंत जेल नहीं जाना होगा होगा क्योंकि उन्हें दी गई अवधि तीन साल से कम है।

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