देश की खबरें | भय्यू महाराज आत्महत्या कांड के दो आरोपियों ने मांगी डिजिटल सबूतों की नकल

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. आध्यात्मिक गुरु भय्यू महाराज को ब्लैकमेल कर उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने के दो आरोपियों की ओर से सोमवार को जिला अदालत से गुहार की गई कि उन्हें मामले के डिजिटल सबूतों की नकल मुहैया कराई जाए।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

इंदौर (मध्यप्रदेश), 21 दिसंबर आध्यात्मिक गुरु भय्यू महाराज को ब्लैकमेल कर उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने के दो आरोपियों की ओर से सोमवार को जिला अदालत से गुहार की गई कि उन्हें मामले के डिजिटल सबूतों की नकल मुहैया कराई जाए।

भय्यू महाराज के खास सेवादार रहे विनायक दुधाड़े और उनके एक अन्य सहयोगी शरद देशमुख की ओर से अपर सत्र न्यायाधीश एमके जैन के सामने पेश अर्जी में यह निवेदन किया गया।

अर्जी में कहा गया कि भय्यू महाराज आत्महत्या कांड के "न्यायोचित निपटारे के लिए" पुलिस द्वारा जब्त लैपटॉप, मोबाइल फोन, टेबलेट, सीसीटीवी कैमरा व इसके डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) और अन्य सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में कैद डिजिटल सामग्री की मूल प्रतियां अदालत में पेश की जाएं और इसकी नकल आरोपियों को प्रदान कराई जाए।

सरकारी वकील विमल मिश्रा ने बताया कि आरोपियों की इस अर्जी पर अभियोजन की ओर से अदालत में उचित जवाब पेश किया जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि भय्यू महाराज की विधवा आयुषी अभियोजन के गवाहों में शामिल हैं। उन्हें सोमवार को मुकदमे में अपना बयान दर्ज कराने के लिए अदालत आना था। लेकिन कोविड-19 से पीड़ित होने के कारण वह नहीं आ सकीं।

उधर, बचाव पक्ष के वकील धर्मेंद्र गुर्जर ने बताया, "मुकदमे में अभियोजन के गवाहों के बयान दर्ज कराने का सिलसिला शुरू हुए एक साल से भी अधिक वक्त हो गया है। लेकिन आयुषी गवाही देने एक बार भी अदालत नहीं आई हैं। अपनी इस सतत अनुपस्थिति को लेकर उन्होंने अदालत को अलग-अलग कारण बताए हैं।"

भय्यू महाराज (50) ने यहां अपने बायपास रोड स्थित बंगले में 12 जून 2018 को उनकी लाइसेंसी रिवॉल्वर से कथित तौर पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने इस घटना के सात महीने बाद दुधाड़े और देशमुख के साथ एक युवती को गिरफ्तार किया था।

पुलिस के मुताबिक, भय्यू महाराज के नजदीक रही युवती कथित आपत्तिजनक चैट और अन्य निजी वस्तुओं के बूते उन पर शादी के लिये कथित रूप से दबाव बना रही थी, जबकि आध्यात्मिक गुरु पहले से शादीशुदा थे।

भय्यू महाराज के दो विश्वस्त सहयोगियों-दुधाड़े और देशमुख पर आरोप है कि वे उन्हें ब्लैकमेल करने की साजिश में शुरुआत से शामिल थे और इस काम में युवती की लगातार मदद कर रहे थे।

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