देश की खबरें | एनएमपी और नोटबंदी केंद्र की ‘जुड़वां संतानें’, जिनका मकसद जनता को लूटना है: माकन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (एनएमपी) को लेकर शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एनएमपी और नोटबंदी सरकार की ‘जुड़वां संतानें’ हैं, जिनका मकसद देश के लोगों को लूटना है।

रायपुर, तीन सितंबर कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (एनएमपी) को लेकर शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एनएमपी और नोटबंदी सरकार की ‘जुड़वां संतानें’ हैं, जिनका मकसद देश के लोगों को लूटना है।

माकन ने यहां छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, ‘‘विकास के नाम पर मोदी सरकार ने जुड़वां संतानों को जन्म दिया है। इनमें से एक नोटबंदी है और दूसरा मुद्रीकरण है। दोनों का स्वभाव एक है।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘नोटबंदी ने गरीबों और छोटे कारोबारियों को लूटा, जबकि अब देश की विरासत को मुद्रीकरण के जरिये लूटा जा रहा है। दोनों कदमों का मकसद पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाना था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एनएमपी को लेकर गोपनीय ढंग से फैसला हुआ और अचानक से घोषित कर दिया गया।’’

पूर्व केंद्रीय मंत्री के अनुसार, एनएमपी का मुख्य उद्देश्य कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों का एकाधिकार स्थापित करना है।

माकन ने कहा कि रेल, सड़क और विमानन क्षेत्र को एनएमपी में शामिल किया गया है, जो सामरिक महत्व से जुड़े क्षेत्र हैं तथा युद्ध की स्थिति में देश के रक्षा बलों के लिए मददगार होते हैं।

भाजपा का नाम लिए बगैर, माकन ने सवाल किया कि क्या सामरिक महत्व के क्षेत्रों का निजीकरण करना और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संपत्तियों को प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से विदेशी ताकतों को बेचना ही ‘राष्ट्रवाद’ है?

उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार झूठ बोल रही है कि एनएमपी के तहत संपत्तियां सरकार के स्वामित्व में होंगी।

माकन ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार ने सामरिक महत्व की संपत्तियों का कभी निजीकरण नहीं करने का फैसला किया था, लेकिन मोदी सरकार इससे उलट काम कर रही है।

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