देश की खबरें | तुषार गांधी ने ‘भारत छोड़ो दिवस’ मनाने जाते समय उन्हें हिरासत में लिए जाने का दावा किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी ने बुधवार को दावा किया कि ‘भारत छोड़ो’ दिवस मनाने के लिए घर से मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान जाते समय उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

मुंबई, नौ अगस्त महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी ने बुधवार को दावा किया कि ‘भारत छोड़ो’ दिवस मनाने के लिए घर से मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान जाते समय उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ ने ट्वीट कर दावा किया कि उन्हें अपने आवास से निकलने से रोक दिया गया और प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी जी.जी. पारिख को भी अगस्त क्रांति मैदान तक पहुंचने से रोका गया।

तुषार गांधी, सीतलवाड़ और पारिख को गिरगांव चौपाटी से अगस्त क्रांति मैदान तक ‘शांति मार्च’ में भाग लेना था।

इस बीच, पुलिस ने कम से कम 16 कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी मामला दर्ज किया, जो दक्षिण मुंबई के गिरगांव चौपाटी में तिलक स्मारक से अगस्त क्रांति मैदान तक सुबह की रैली के लिए एकत्र हुए थे।

पुलिस ने कहा कि कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं थी।

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि तुषार गांधी उपनगर सांताक्रूज में अपने आवास से जब बाहर निकले, तो उन्हें बताया कि वह रैली में भाग लेने नहीं जा सकते क्योंकि उसकी अनुमति नहीं दी गई है।

अधिकारी ने बताया कि उन्हें बाद में अगस्त क्रांति मैदान जाने की अनुमति दे दी गई।

तुषार गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘नौ अगस्त को ‘भारत छोड़ो’ दिवस मनाने के लिए घर से निकलने के बाद मुझे सांता क्रूज पुलिस थाने में हिरासत में लिया गया। ऐसा स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार हुआ है। मुझे अपने परदादा-परदादी- बापू (महात्मा गांधी) और बा (कस्तूरबा गांधी) पर गर्व है जिन्हें इसी ऐतिहासिक तारीख पर अंग्रेजों ने हिरासत में लिया था।’’

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि तुषार गांधी के एक रैली में भाग लेने की संभावना थी, जो गिरगांव चौपाटी से अगस्त क्रांति मैदान तक निकाली जानी थी।

अधिकारी ने बताया कि तुषार गांधी ने जब सुबह करीब पौने आठ बजे अपने घर से निकलने की कोशिश की, तब उनके आवास के बाहर इंतजार कर रहे सांताक्रूज पुलिस थाने के कर्मियों के एक दल ने उन्हें बताया कि कानून और व्यवस्था की समस्या के कारण रैली की अनुमति नहीं दी गई है और वह इसमें भाग नहीं ले सकते।

उन्होंने कहा कि इसके बाद तुषार गांधी अपने आवास में लौट गए।

अधिकारी ने कहा कि बाद में पुलिस ने तुषार गांधी को अगस्त क्रांति मैदान जाकर श्रद्धांजलि अर्पित करने की अनुमति दे दी।

तुषार गांधी ने बाद में ट्वीट किया, ‘‘हमारे समाज में डर साफ दिखाई देता है। मैं (अगस्त क्रांति मैदान) जाने की अनुमति मिलने के बाद सांता क्रूज पुलिस थाने से एक रिक्शा में बैठा। जब हम बांद्रा पहुंचे तो मैंने एक बूढ़े मुस्लिम टैक्सी चालक से मुझे अगस्त क्रांति मैदान ले जाने को कहा, लेकिन उसने पुलिस की गाड़ी देखी और घबराकर मुझसे कहा, ‘साहब मुझे नहीं फंसना’।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उसे आश्वस्त करने के लिए काफी समझाना पड़ा। यह समस्या आज हमारे समाज को प्रभावित कर रही है, इसलिए ‘नफरतों भारत छोड़ो, मोहब्बत से दिलों को जोड़ो’ की आवश्यकता है।’’

वहीं, सीतलवाड़ ने ट्वीट कर दावा किया कि उन्हें अपना आवास छोड़ने से रोक दिया गया और पारिख को भी अगस्त क्रांति मैदान तक पहुंचने से रोका गया।

उन्होंने सुबह अपने आवास के बाहर मौजूद पुलिसकर्मियों की कुछ तस्वीरें ट्वीट कीं।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि रैली की अनुमति नहीं दी गई थी और इसके बारे में आयोजकों को एक लिखित सूचना भेजी गई थी।

अधिकारी ने कहा कि कार्यकर्ताओं से कहा गया था कि अगर वे चाहें तो अगस्त क्रांति मैदान में आयोजित कार्यक्रम (श्रद्धांजलि देने के लिए) में शामिल हों, लेकिन कानून-व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी मुद्दों के कारण रैली की अनुमति नहीं दी गई।

उन्होंने कहा कि सीतलवाड़ बाद में श्रद्धांजलि देने अगस्त क्रांति मैदान पहुंचीं। उन्होंने कहा कि पारिख ने गिरगांव में लोकमान्य तिलक की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की और वहां से चले गए।

एक अधिकारी ने बताया कि इससे पहले दक्षिण मुंबई की डी बी मार्ग पुलिस ने उन कुछ कार्यकर्ताओं को बुधवार सुबह हिरासत में लिया था, जिनके रैली में भाग लेने की संभावना थी।

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