एक संयुक्त बयान में दोनों देशों से घोषणा की कि सलीह मुतलु सेन तुर्किये के काहिरा में राजदूत होंगे जबकि अम्र एल्हामामी अंकारा में मिस्र के राजदूत होंगे।
बयान में कहा गया, ‘‘यह कदम दोनों देशों के बीच एक बार फिर से सामान्य रिश्ते स्थापित करने और तुर्किये एवं मिस्र के लोगों के हितों में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने की दिशा में कार्य की आपसी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने के लिए उठाया गया है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2013 में मिस्र के इस्लामिक राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी को उनके एक साल के विभाजनकारी शासन के बाद भारी विरोध प्रदर्शन के बीच पदच्युत कर दिया गया था जिसके बाद मिस्र और तुर्किये ने एक-दूसरे के यहां से अपने-अपने राजदूतों को वापस बुला लिया था।
मुर्सी मुस्लिम ब्रदरहुड समूह से संबंध रखते थे जिसका तुर्किये समर्थन कर रहा था। मिस्र ने मुस्लिम ब्रदरहुड को आतंकवादी समूह करार दिया था।
मिस्र सरकार ने 30 जून को ब्रदरहुड के खिलाफ प्रदर्शनों की 10वीं सालगिरह मनाई थी।
यह पहल तुर्किये द्वारा आर्थिक संकट के बीच क्षेत्र के देशों के साथ संपर्क बहाल करने और अंतरराष्ट्रीय अलगाव को दूर करने के प्रयासों के तहत की गई है। तुर्किये ने हाल में इजराइल, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से भी संबंधों को सुधारने की पहल की है।
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