विदेश की खबरें | टीटीपी ने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को शांति वार्ता जारी रहने तक संघर्ष विराम का आश्वासन दिया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के नेताओं ने एक पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि अफगानिस्तान की सीमा से लगे कबायली क्षेत्र में आतंकवाद को समाप्त करने के लिए दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता होने तक अनिश्चितकालीन संघर्ष विराम लागू रहेगा।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

पेशावर, चार अगस्त प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के नेताओं ने एक पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि अफगानिस्तान की सीमा से लगे कबायली क्षेत्र में आतंकवाद को समाप्त करने के लिए दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता होने तक अनिश्चितकालीन संघर्ष विराम लागू रहेगा।

पाकिस्तान सरकार और टीटीपी संघर्ष विराम की अवधि अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाने पर 31 मई को सहमत हुए थे। संघर्ष विराम की अवधि 30 मई को समाप्त हो गई थी।

सूत्रों ने कहा कि टीटीपी ने मुफ्ती तकी उस्मानी के नेतृत्व वाले उलेमा-ए-करम प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि दोनों पक्षों के बीच चल रही शांति वार्ता के दौरान संघर्ष विराम जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल ने कुछ दिन पहले काबुल में अफगानिस्तान की तालिबान नीत सरकार के संरक्षण में टीटीपी नेतृत्व के साथ विस्तृत और सार्थक बातचीत की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने तालिबान नेताओं के साथ शांति वार्ता करने के लिए कई समितियों का गठन किया है।

टीटीपी को पाकिस्तान तालिबान भी कहा जाता है और उसका मुख्य मकसद पूरे पाकिस्तान में सख्त इस्लामी कानून लागू करना है। माना जाता है कि यह संगठन अल-कायदा का करीबी है। टीटीपी को पाकिस्तान में कई घातक हमलों के लिए दोषी ठहराया गया है। इनमें 2009 में सेना मुख्यालय पर हमला, सैन्य ठिकानों पर विभिन्न हमले और 2008 में इस्लामाबाद के मैरियट होटल में विस्फोट शामिल हैं।

पाकिस्तान ने पिछले साल अक्टूबर में अफगान तालिबान के अनुरोध पर टीटीपी के साथ बातचीत शुरू की थी।

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