विदेश की खबरें | ट्रंप ने हिंसक प्रदर्शनों को रोकने के लिए सेना को उतारने की चेतावनी दी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफ्रीकी-अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की हिरासत में मौत के खिलाफ हो रहे हिंसक प्रदर्शनों को रोकने के लिए शहर एवं राज्यों द्वारा जरूरी कदम नहीं उठाए जाने की सूरत में सेना तैनात करने की सोमवार को धमकी दी।

वाशिंगटन, दो जून अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफ्रीकी-अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की हिरासत में मौत के खिलाफ हो रहे हिंसक प्रदर्शनों को रोकने के लिए शहर एवं राज्यों द्वारा जरूरी कदम नहीं उठाए जाने की सूरत में सेना तैनात करने की सोमवार को धमकी दी।

व्हाइट हाउस के रोज गार्डन से आनन-फानन राष्ट्र के नाम दिए गए अपने संबोधन में ट्रंप ने घोषणा की कि वह दंगे, लूट, तोड़-फोड़, हमलों और संपत्ति की अकारण बर्बादी को रोकने के लिए “हजारों की संख्या में” हथियारों से लैस सैनिकों, सैन्यकर्मियों और कानून प्रवर्तन अधिकारियों को भेजेंगे।

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एक हफ्ते से जारी प्रदर्शनों में, अमेरिका में अब तक अरबों डॉलर की संपत्ति बर्बाद हो गई है और दंगाइयों ने फ्लॉयड की मौत पर गुस्सा जाहिर करते हुए व्यावसायिक केंद्रों और सार्वजनिक स्थानों को क्षतिग्रस्त किया है और दुकानों एवं मॉल में लूटपाट की है।

ट्रंप ने कहा, “आज मैंने प्रत्येक गवर्नर से सड़कों पर पर्याप्त संख्या में नेशनल गार्ड की तैनाती करने की सिफारिश की है । मेयरों और गवर्नरों को हिंसा समाप्त होने तक कानून प्रवर्तन एजेंसियों या अधिकारियों की जबर्दस्त उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी।”

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उन्होंने कहा, “अगर कोई शहर या राज्य अपने निवासियों के जान-माल की रक्षा करने के लिए जरूरी कदम उठाने से इनकार करता है तो मैं अमेरिकी सेना को तैनात करुंगा और उनके लिए जल्द ही समस्या का हल कर दूंगा।”

ट्रंप ने कहा कि हाल के दिनों में देश ‘‘पेशेवर अराजक तत्वों, हिंसक भीड़, आगजनी करने वालों, लुटेरों, दंगाइयों, ऐंटीफा और अन्य” की गिरफ्त में है।

राष्ट्रपति ने कहा, “ये शांतिपूर्ण प्रदर्शन के कृत्य नहीं है। ये घरेलू आतंकवाद के कृत्य हैं। बेकसूर लोगों को नुकसान पहुंचाना और मासूमों का खून बहाना मानवता और ईश्वर के खिलाफ अपराध है।”

अपने संबोधन में ट्रंप ने यह भी कहा कि फ्लॉयड की बर्बर मौत से सभी अमेरिकी दुखी हैं तथा इसका विरोध कर रहे हैं और इस बात पर जोर दिया कि इस मामले में न्याय होगा।

उन्होंने कहा, “ मैंने राष्ट्र के कानून की रक्षा करने की शपथ ली थी और मैं यही करुंगा। मेरा प्रशासन इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जॉर्ज और उनके परिवार को न्याय मिलेगा। उनकी मौत बेकार नहीं जाएगी।”

श्वेत पुलिस अधिकारी, डेरेक चॉवीन पर थर्ड डिग्री हत्या का आरोप लगा है और अगले हफ्ते अदालत में उसकी पेशी है। तीन अन्य पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है।

सोमवार को, एक आधिकारिक पोस्टमार्टम में फ्लॉयड की मौत को हत्या घोषित किया गया।

ट्रंप ने राष्ट्र को आश्वासन दिया कि वह हिंसा को रोकने और अमेरिका में सुरक्षा बहाल करने के लिए कदम उठा रहे हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने बर्बादी और आगजनी को, दंगों और लूट को रोकने तथा कानून का पालन करने वाले अमेरिकियों के अधिकारों को संरक्षित करने के लिए सभी उपलब्ध सरकारी संसाधनों, नागरिकों एवं सेना को जुटा लिया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कई राज्य एवं स्थानीय सरकारें अपने निवासियों को सुरक्षित करने के लिए जरूरी कदम उठाने में विफल रही।

ट्रंप ने कई गवर्नरों को ‘‘कमजोर” बताया और हिंसक प्रदर्शनों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

राष्ट्रपति ने वीडियो टेलीकॉन्फ्रेंस में गवर्नरों से बात की जिसमें कानून प्रवर्तन एवं राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी भी शामिल थे। उन्होंने राज्य के नेताओं से कहा कि “उन्हें और सख्त होना होगा।” “आपमें से ज्यादातर कमजोर हैं।” साथ ही कहा “आपको लोगों को गिरफ्तार करना होगा।”

ट्रंप के संबोधन के दौरान सशस्त्र पुलिस ने पास के पार्क से प्रदर्शनकारियों को आंसू गैस और रबर के गोले दाग कर हटाया जो शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करते दिख रहे थे।

फ्लॉयड की मौत के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों की आग अमेरिका के 140 शहरों तक पहुंच गई है, जिसे देश में पिछले कई दशकों में बदतरीन नागरिक असंतोष माना जा रहा है ।

वाशिंगटन डीसी में, प्रदर्शनकारियों ने एक ऐतिहासिक चर्च को जला दिया और राष्ट्रीय स्मारक एवं लिंकन स्मारक जैसे ऐतिहासिक स्थानों और कुछ महत्त्वपूर्ण संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया।

करीब छह राज्यों और कम से कम 13 बड़े शहरों में आपात स्थिति घोषित कर दी गई है। देश भर में नेशनल गार्ड के करीब 67,000 सैनिकों को तैनात किया गया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने कहा कि अमेरिका में अब तक इतनी बड़ी संख्या में सैनिक नहीं तैनात किए गए थे।

फ्लॉयड की हत्या को लेकर हो रहे राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है। करीब 4,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कम से कम 40 शहरों में कर्फ्यू लगाया गया है।

वहीं अधिकारियों ने हिंसा और लूट की घटनाओं के बाद न्यूयॉर्क सिटी में कर्फ्यू लगा दिया और पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी।

गवर्नर एंड्रियू क्यूमो और मेयर डी ब्लासियो ने सोमवार को घोषणा कि न्यूयॉर्क सिटी में पूरे शहर में सोमवार रात 11 बजे से लगाया गया कर्फ्यू मंगलवार सुबह पांच बजे हटाया जाएगा।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि न्यूयॉर्क सिटी पुलिस विभाग अपनी उपस्थिति दुगुनी करेगी और हिंसा एवं संपत्ति के नुकसान को रोकने के लिए करीब 8,000 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।

इस बीच कर्फ्यू लागू करने के दौरान गोली चलाने वाले लुइसविले पुलिस प्रमुख को बर्खास्त कर दिया गया जब मेयर को पता चला कि गोलीबारी में शामिल अधिकारी हिंसा के दौरान बॉडी कैमरा (वर्दी पर पहने जाना वाला कैमरा) चालू करने में विफल रहे।

इस गोलीबारी में एक प्रसिद्ध बार्बेक्यू स्थल के मालिक की मौत हो गई थी।

एक अन्य घटना में, बफेलो में सोमवार रात को हो रहे प्रदर्शन के दौरान एक वाहन, कानून प्रवर्तन अधिकारियों के समूह के बीच घुस आया जिसमें कम से कम दो अधिकारी घायल हो गए।

मौके से प्राप्त वीडियो में अधिकारियों द्वारा एक व्यक्ति को हथकड़ी लगाए जाने और सड़क से ले जाने के दौरान वाहन को वहां से तेजी से प्रवेश करते देखा जा सकता है।

दोनों अधिकारियों को एरिक काउंटी मेडिकल सेंटर ले जाया गया। उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

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