विदेश की खबरें | ट्रंप ने भारत और चीन के बीच मध्यस्थता की पेशकश की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि वह भारत और चीन की सेनाओं के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर जारी गतिरोध के दौरान दोनों देशों के बीच जोर पकड़ते सीमा विवाद में मध्यस्थता करने के लिए ‘तैयार, इच्छुक और सक्षम’ है।

वाशिंगटन, 27 मई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि वह भारत और चीन की सेनाओं के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर जारी गतिरोध के दौरान दोनों देशों के बीच जोर पकड़ते सीमा विवाद में मध्यस्थता करने के लिए ‘तैयार, इच्छुक और सक्षम’ है।

ट्रंप ने पहले भारत और पाकिस्तान के बीच भी मध्यस्थता की पेशकश की थी, लेकिन नयी दिल्ली ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। भारत का कहना है कि द्विपक्षीय संबंधों में तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है।

यह भी पढ़े | भारत और चीन के बीच तनाव पर डोनाल्ड ट्रंप का ट्वीट, कहा- दोनों देशों के बीच अमेरिका मध्यस्थता करने को तैयार.

ट्रंप ने आज सुबह ट्वीट किया, ‘‘हमने भारत और चीन दोनों को सूचित किया है कि अमेरिका उनके इस समय जोर पकड़ रहे सीमा विवाद में मध्यस्थता करने के लिए तैयार, इच्छुक और सक्षम है।’’

भारत और चीन के बीच करीब 3,500 किलोमीटर लंबी सीमा है जिसे एलएसी कहते हैं।

यह भी पढ़े | Mount Everest Height: चीनी सर्वेक्षण दल माउंट एवरेस्ट की फिर से ऊंचाई मापने पहुंचा.

एलएसी पर लद्दाख और उत्तरी सिक्किम में अनेक क्षेत्रों में भारत और चीन दोनों की सेनाओं ने हाल ही में सैन्य निर्माण किये हैं। जिससे दोनों के बीच तनाव बढ़ा तथा दो अलग-अलग गतिरोध की घटनाओं के दो सप्ताह बाद भी दोनों के रुख में सख्ती का स्पष्ट संकेत मिलता है।

भारत ने कहा है कि चीनी सेना लद्दाख और सिक्किम में एलएसी पर उसके सैनिकों की सामान्य गश्ती में अवरोध पैदा कर रही है। भारत ने चीन की इस दलील को पूरी तरह खारिज कर दिया कि भारतीय बलों द्वारा चीनी पक्ष की तरफ अतिक्रमण से दोनों सेनाओं के बीच तनाव बढ़ गया।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत की सभी गतिविधियां सीमा के इसी ओर संचालित की गयी हैं और भारत ने सीमा प्रबंधन के संबंध में हमेशा बहुत जिम्मेदाराना रुख अपनाया है। उसी समय विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने पिछले सप्ताह एक ऑनलाइन ब्रीफिंग में कहा था, ‘‘भारतीय सैनिकों द्वारा पश्चिमी सेक्टर या सिक्किम सेक्टर में एलएसी के आसपास गतिविधियां संचालित करने की बात सही नहीं है। भारतीय सैनिक भारत-चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में वास्तविक नियंत्रण रेखा से पूरी तरह अवगत हैं और निष्ठापूर्वक इसका पालन करते हैं।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\