देश की खबरें | त्रिपुरा सरकार ने अन्य राज्यों से आने वाले लोगों के लिए जारी किए कोविड संबंधी नये दिशा-निर्देश
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. देश के कुछ हिस्सों में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर त्रिपुरा में मुख्यमंत्री बिप्लब देब सरकार ने कोविड संबंधी नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक त्रिपुरा में देश के ऐसे राज्यों से आने वाले लोगों के लिए कोविड-19 की जांच अनिवार्य कर दी गयी है, जहां पांच प्रतिशत से अधिक संक्रमण की दर वाले एक से अधिक जिले हैं।
अगरतला/कोलकाता, 30 अक्टूबर देश के कुछ हिस्सों में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर त्रिपुरा में मुख्यमंत्री बिप्लब देब सरकार ने कोविड संबंधी नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक त्रिपुरा में देश के ऐसे राज्यों से आने वाले लोगों के लिए कोविड-19 की जांच अनिवार्य कर दी गयी है, जहां पांच प्रतिशत से अधिक संक्रमण की दर वाले एक से अधिक जिले हैं।
पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने त्रिपुरा सरकार के इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे पूर्वोत्तर राज्य में उसके राजनीतिक अभियान को विफल करने की रणनीति बताया है।
त्रिपुरा सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक आदेश के मुताबिक केरल, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, मणिपुर, पश्चिम बंगाल, मिजोरम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड से आने वाले लोगों को कोविड-19 जांच की निगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी जोकि 48 घंटे से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए। ऐसी रिपोर्ट नहीं दिखाने वाले लोगों को त्रिपुरा के प्रवेश बिंदुओं पर कोविड-19 जांच से गुजरना होगा।
त्रिपुरा के परिवार कल्याण और निवारक चिकित्सा निदेशालय की ओर से शुक्रवार को जारी एक अधिसूचना में यह बात कही गयी है। गौरतलब है कि त्रिपुरा में अब तक कोविड-19 के 84,449 मामलों की पुष्टि हो चुकी है जबकि इस महामारी के कारण 813 लोगों की मौत हो चुकी है।
टीएमसी ने शनिवार को इस फैसले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार टीएमसी को राज्य में अपना आधार बढ़ाने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
टीएमसी के वरिष्ठ नेता पार्थ चटर्जी ने दावा किया कि त्रिपुरा की भाजपा सरकार पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की लोकप्रियता से डरी हुई है और रविवार को त्रिपुरा में होने वाली उनकी रैली को रोकने के लिए अपनी मशीनरी का इस्तेमाल कर रही है।
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा, "भाजपा अभिषेक से डरी हुई है। भाजपा त्रिपुरा के लोगों को संबोधित करने से अभिषेक को रोकने के लिए कोरोना वायरस का उपयोग ढाल के रूप में कर रही है। इससे पता चलता है कि वे अच्छी तरह से जानते हैं कि त्रिपुरा के लोग अब भाजपा के साथ नहीं हैं।"
टीएमसी त्रिपुरा में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पूर्वोत्तर राज्य में अपनी जड़ें मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
टीएमसी के आरोपों का जवाब देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने दावा किया कि टीएमसी बंगाल से त्रिपुरा में "हिंसा की राजनीति का आयात" करने की कोशिश कर रही थी। दिलीप घोष ने कहा, "त्रिपुरा के लोग टीएमसी को नहीं चाहते हैं। यह टीएमसी ही है जो लगातार त्रिपुरा के मामलों में दखल दे रही है और बंगाल से हिंसा की राजनीति को आयात करने की कोशिश कर रही है। टीएमसी त्रिपुरा में शांति व्यवस्था को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है।"
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