देश की खबरें | तृणमूल ने बंगाल की मतदाता सूची में बाहरी लोगों के नाम शामिल करने की साजिश रचने का आरोप लगाया

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कोलकाता, 22 फरवरी तृणमूल कांग्रेस ने शनिवार को निर्वाचन आयोग (ईसी) के अधिकारियों के एक वर्ग पर भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए पश्चिम बंगाल के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची में बाहरी लोगों के नाम जोड़ने के लिए पार्टी के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप लगाया।

टीएमसी के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का एक वर्ग, विशेष रूप से राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में उचित भौतिक सत्यापन के बिना ही नामों को मतदाता सूची में शामिल कर रहा है।

उन्होंने कहा कि घुसपैठ को रोकना सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की जिम्मेदारी है, और मतदाता सूची में अनधिकृत बाहरी लोगों को जोड़ने की किसी भी सूचना के मामले में भी केंद्र द्वारा निपटा जाना चाहिए, क्योंकि यह बीएसएफ को नियंत्रित करता है और निर्वाचन आयोग को भी ‘रिमोट कंट्रोल’ से नियंत्रित करता है, जिसने स्पष्ट रूप से सत्यापन प्रक्रिया में ढील दी है।

दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर विधानसभा के अंतर्गत चंपाहाटी क्षेत्र में मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या में कथित वृद्धि के बारे में खबरों का जिक्र करते हुए घोष ने कहा, ‘‘यदि ऐसी स्थिति है, तो इसका श्रेय स्थानीय प्रशासन और पुलिस को जाता है, जिन्होंने अनधिकृत मतदाताओं पर नजर रखी, न कि निर्वाचन आयोग को, जिसने उचित भौतिक सत्यापन के बिना नामों को शामिल करने की अनुमति दी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘राज्य और सत्तारूढ़ पार्टी पर उंगली उठाने के बजाय, भाजपा और इस मुद्दे पर शोर मचाने वालों को घुसपैठ रोकने का मुद्दा केंद्र के समक्ष उठाना चाहिए।’’

भाजपा के राज्यसभा सदस्य और प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने दावा किया, ‘‘फर्जी मतदाताओं को शामिल करने की टीएमसी की साजिश का पर्दाफाश हो गया है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टी के नेता चुनाव जीतने के लिए फर्जी आधार और मतदाता पहचान पत्र उपलब्ध कराने में शामिल रहे हैं।’’

भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘सतर्क निर्वाचन आयोग और केंद्रीय गृह मंत्रालय टीएमसी को फिर से पुराना खेल खेलने की अनुमति नहीं देगा।’’

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