देश की खबरें | बिहार में मृत चिकित्सा पदाधिकारी का स्थानांतरण, कारण बताओ नोटिस जारी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बिहार विधानमंडल में मंगलवार को एक मृत चिकित्सा पदाधिकारी के स्थानांतरण किये जाने का मामला विपक्ष की ओर से उठाये जाने के बाद सरकार को फजीहत का सामना करना पडा।

पटना, नौ मार्च बिहार विधानमंडल में मंगलवार को एक मृत चिकित्सा पदाधिकारी के स्थानांतरण किये जाने का मामला विपक्ष की ओर से उठाये जाने के बाद सरकार को फजीहत का सामना करना पडा।

बिहार विधानसभा की आज की कार्यवाही शुरू होने से पूर्व शेखपुरा से राजद विधायक विजय सम्राट विधानसभा परिसर में इस विसंगति को सामने लेकर आये, जिसमें स्वास्थ्य विभाग ने आठ मार्च को अधिसूचना जारी कर रोहतास जिले में तैनात डॉ राम नारायण राम को शेखपुरा जिले का नया सिविल सर्जन नियुक्त किया था।

सम्राट ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कोविड-19 संक्रमित चिकित्सा पदाधिकारी का फरवरी महीने में ही देहांत हो चुका है। यह बिहार सरकार ही बता सकती है कि एक मृत व्यक्ति की कैसे पोस्टिंग कर दी गई है’’।

बिहार विधानसभा में आज शून्यकाल के दौरान राजद विधायक ललित कुमार यादव ने भी इस मुद्दे को सदन में उठाते हुए सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की।

सदन अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने हस्तक्षेप करते हुए विपक्षी विधायक को आश्वासन दिया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेगी ।

बिहार विधान परिषद में इस मुद्दे को राजद विधायक सुबोध कुमार ने उठाया जिसपर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने प्रतिक्रिया दी है ।

पांडेय ने कहा, ‘‘वरिष्ठ चिकित्सा पदाधिकारियों के स्थानांतरण और पदस्थापन में समय लगता है। कई बार नए स्थान पर पदस्थापन और अधिसूचना जारी होने में एक महीने का अंतर हो जाता है।

उन्होंने यह भी कहा, ‘‘ विसंगति के बारे में पता चलने पर हमने संबंधित सेक्शन अफसर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और शेखपुरा के अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पदभार संभालने के लिए कहा गया है’’।

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